Gwalior Court News: कोर्ट में गए थे सुरक्षा की मांग करने, न्यायालय ने शादी को ही मान्य नहीं किया

Updated: | Sun, 25 Jul 2021 07:27 AM (IST)

Gwalior Court News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रेम विवाह कर चुके युवक-युवति ने पुलिस सुरक्षा मांगी थी। कोर्ट ने जिस मूल शंकर आर्य समाज वैदिक संस्था हुरावली ने दोनों का विवाह कराया था, पुलिस अधीक्षक को उस संस्था का रिकार्ड जब्त करने का आदेश दिया है। जिससे पता किया जा सके कि अबतक कितने विवाह कराए हैं। संस्था संचालकों को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई भी अलग से की जाएगी। याचिका की सुनवाई 2 अगस्त को होगी।

मोनिका व रविकांत ने हाई कोर्ट में सुरक्षा लेने के लिए याचिका दायर की थी। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि 5 जुलाई 2021 को मूल शंकर आर्य समाज वैदिक संस्था पवनसूत कालोनी हुरालवी में विवाह कर लिया है। मोनिका अपने पति के निवास पर शांति का जीवन व्यतीत कर रही है, लेकिन उसके स्वजन पति के निवास पर आकर धोंस दे रहे हैं। उसके वैवाहिक जीवन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया है। इसलिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। शासकीय अधिवक्ता दीपक खोत ने तर्क दिया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसे खारिज किया जाए। कोर्ट ने तथ्यों को देखने के बाद पाया कि मूल शंकर आर्य समाज वैदिक संस्था में विवाह को प्रतिबंधित कर चुके हैं। 9 दिसंबर 2020 को एक याचिका के निराकरण में यह आदेश दिया था। जब विवाह कराना प्रतिबंधित है, तो संस्था ने विवाह कैसे करा दिया। यह कोर्ट के आदेश की अवमानना है। इसमें कराया हुआ विवाह मान्य नहीं है। कोर्ट ने संस्था संचालकों पर अवमानना की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि संस्था का पूरा रिकार्ड जब्त किया जाए, संस्था ने अबतक कितने विवाह कराए हैं।

Posted By: anil.tomar