Gwalior Dharma Samaj News: मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने किया धर्म सभा काे संबाेधित, कहा-बिना संयम के आपके गुणों का कोई महत्व नहीं

Updated: | Thu, 16 Sep 2021 02:34 PM (IST)

Gwalior Dharma Samaj News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जैसे बिना ब्रेक की गाड़ी से आपका जीवन असुरक्षित है, उसी प्रकार बिना संयम के आपके गुणों का कोई महत्व नहीं है। बिना संयम के आपका जीवन व्यर्थ चला जाता है। जो आत्मकल्याण करना चाहते हैं वे संयम का पालन अवश्य करते हैं। यह विचार पर्युषण पर्व के छठवे दिन उत्तम संयम धर्म पर मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

मुनिश्री ने कहा कि संयम जिसके पास होता है वह विषयभोगों से मुक्त होकर शांति को महसूस करता है। शरीर की स्वस्थता, मन की पवित्रता, संस्कारों की प्राप्ति के साथ निरोगी काया मिलती है। जिनका आचरण संतुलित नहीं होता वे बिना ब्रेक की गाड़ी के समान हैं। आत्मतत्व को पाना चाहते हैं तो संयम रूपी लगाम का होना आवश्यक है। बिना संयम के हमारा मन भी इधर-उधर भटक कर असंयम में अपने जीवन का अकल्याण कर सकता है। संयमी की यात्रा मजदूर से मालिक बनने की है। कंकर से शंकर बनने की है। असंयमी व्यक्ति अपने जीवन को व्यसनों में गंवा देता है। मुनिश्री ने कहा कि एक संयमी अपने जीवन की छांव में अपनी यात्रा को पूर्ण कर लेता है जबकि एक असंयमी व्यक्ति धूप में ही अपना जीवन झुलसा लेता है। पर्युषण पर्व पर मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ से मिलने सासंद विवेक नारायण शेजवलकर पहुंचे और श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। सांसद शेजवलकर ने कहा की जैन दर्शन कहता है कि जिओ ओर जीने दो। मुझमें जैन संस्कार नहीं हैं, मगर में धीरे-धीरे जैन संस्कारो को अपना रहा हूं। इस शाम को भगवान जिनेंद्र की एवं मुनिश्री की आरती की गई। आरती के उपरांत दिगंबर जैन चंपाबाग मंदिर महिला मंडल दाना ओली के द्वारा नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में जैन सतियों के सतित्व की गौरव गाथा नृत्य नाटिका आयोजित की गई। महिलाओं ने सामूहिक नृत्य एवं नाटक प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ माधवी जैन ने मंगल चरण से किया। नाटक में मैना सुंदरी, सती अंजान, राजुल नेमि, महावीर चंदनबाला सवांद नाटिका का मंचन किया गया।

Posted By: vikash.pandey