Gwalior Dilapidated Buildings News: जर्जर इमारतों में कई जिंदगियां दांव पर

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 05:11 PM (IST)

Gwalior Dilapidated Buildings News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में स्टेटकाल के समय बनीं कई इमारतों को जर्जर एवं कंडम घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी यहां पर स्कूल, अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसके कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। वहीं भिंड में शनिवार को बारिश के कारण जर्जर जेल की दीवार ढह जाने के बाद पीडब्ल्यूडी हरकत में आ गया है। पीडब्ल्यडी के कार्यपालन यंत्री ने इन इमारतों को खाली करने के लिए जारी किए गए पुराने पत्र खंगालने शुरू कर दिए हैं। कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता का कहना है कि वह अभी नए आए हैं, यह मामला उनके संज्ञान में है इसलिए वह इन इमारतों को खाली करने पत्र लिखेंगे। इनका निरीक्षण भी किया जाएगा। अगर संधारण से यह ठीक हो सकती हैं तो इनका संधारण कराया जाएगा।

शासन ने कोरोनाकाल के दौरान बंद किए गए स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी है। फिलहाल अभी कक्षा 11 व 12 संचालित हो रहे हैं, जबकि पांच अगस्त से कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यालय संचालित होने लगेंगे। वहीं शहर में कन्याअों केसबसे बड़े शासकीय विद्यालय पदमाराजे की इमारत जर्जर हो चुकी है। इसके मुख्य कार्यक्रम के आयोजन के कक्ष पर पीडब्ल्यूडी ने लिखा हुआ है कि यह जर्जर है, इससे दूरी बनाकर रखें। वहीं इसी कक्ष में कई कार्यक्रमों का आयोजन आज भी किया जाता है। इसी प्रकार हरिदर्शन विद्यालय की इमारत भी जर्जर हो चुकी है। इसके छज्जे भी टूटकर गिर रहे हैं, जबकि दो साल पहले इसका प्राचीन गेट गिर जाने से एक बच्चे की दबकर मौत हो चुकी है। इसी प्रकार अंचल का सबसे बड़ा जयारोग्य अस्पताल का पुराना भवन भी जर्जर है। इसके भी धज्जे टूटकर गिर रहे हैं। इस पर जयारोग्य चिकित्सालय प्रबंधन ने लिखा हुआ है कि कृप्या कर इससे पांच फीट की दूरी बनाए रखें। वहीं कई बार इसके छज्जे टूटकर गिर चुके हैं।

भिंड जेल की दीवार ढहने से घायल हो गए थे 21 कैदी

शनिवार को भिंड जेल में बैरक की दीवार अचानक ढह गई थी। इस दीवार की चपेट में आने से 21 कैदी घायल हो गए थे। इसके बाद पूरी जेल को खाली करा दिया गया। भिंड में चार दिनों से बारिश होने के कारण छत से पानी टपकने लगा था। इसके चलते दीवार दरकने लगी और पूरी छत ही नीचे आ गिरी थी।

जिन भवनों को जर्जर घोषित किया गया था, उनकी जांच के लिए टीम बनाई जाएगी। चूंकि मैं ग्वालियर में नया हूं इसलिए सभी पुराने पत्रों को भी देखा जाएगा, जिसमें इन इमारतों को जर्जर घोषित किया गया है। जो पूरी तरह से जर्जर हैं, उसे खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। जिनमें संधारण कार्य हो सकता है। उनका संधारण कराया जाएगा।

आरके गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, पीडब्लयूडी

Posted By: anil.tomar