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Gwalior DRDE News: डीआरडीई पहुंचे कलेक्टर और अफसर, पांच बीघा से 10 दिन में हटेगा अतिक्रमण

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 08:53 AM (IST)

Gwalior DRDE News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना (डीआरडीई) की लैब शिफ्टिंग के लिए महाराजपुरा में आवंटित 140 एकड़ जमीन पर जिला प्रशासन अगले 10 दिनों में कब्जा दिलाएगा। यहां पांच बीघा जमीन पर जो अतिक्रमण हैं, उन्हें भी हटवाया जाएगा। गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एडीएम रिंकेश वैश्य, एसडीएम मुरार पुष्पा पुषाम और तहसीलदार डीआरडीई पहुंचे। यहां डीआरडीर्ई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और 10 दिन में कब्जा दिलाने जाने का निर्णय हुआ। इसके बाद यहां डीआरडीर्ई भी काम शुरू कर देगा।

ज्ञात रहे कि डीआरडीर्ई की सिटी सेंटर स्थित क्रिटिकल लैब की शिफ्टिंग होना है। इसके लिए महाराजपुरा क्षेत्र में 140 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। डीआरडीर्ई के 200 मीटर के दायरे को घटाने के लिए यह पूरी कवायद चल रही है। जिसमें हाइकोर्ट ने डीआरडीई के इस दायरे में आने वाले अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए थे। इस दायरे में 10 हजार करोड़ की शासकीय और गैर शासकीय संपत्तियां आ रहीं थीं इस कारण लोग संकट में पड़ गए। हाइकोर्ट के इस निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की और स्टे मिल गया। इसके बाद माननीयों की पहल पर डीआरडीर्ई की लैब के लिए महाराजपुरा में जमीन आवंटित की गई।

डीआरडीर्ई ने हाल ही में लिखे थे दो पत्र: डीआरडीई ने जिला कलेक्टर को हाल ही में दो पत्र लिखे थे। एक पत्र में लिखा था कि डीआरडीई की आवंटित जमीन पर अतिक्रमण हटाकर कब्जा दिया जाए। दूसरे पत्र में लिखा था कि डीआरडीई कब्जा मिलने के तीन महीने के भीतर 200 मीटर के दायरे को 50 मीटर कर देगा और लैब शिफ्ट होने या तीन साल के भीतर 50 मीटर के शेष दायरे को भी खत्म कर दिया जाएगा। इन पत्रों के बाद अब प्रशासन ने कब्जा दिलाने की कवायद शुरू की है।

पांच बीघा पर हैं छोटे-बड़े कई कब्जे: डीआरडीर्ई को महाराजपुरा में आवंटित जमीन पर पांच बीघा में कब्जे है। इसमें पक्के मकान से लेकर कच्चे अतिक्रमण व झुग्गी झोपड़ियां भी हैं। अगले दस दिन में इन कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: vikash.pandey
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