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Gwalior Drinking Water Supply News: 31 जुलाई तक तिघरा बुझा पाएगा शहरवासियाें की प्यास

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 09:51 AM (IST)

Gwalior Drinking Water Supply News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहरवासियों की प्यास बुझाने वाला एक मात्र तिघरा बांध खुद गर्मी के कारण प्यासा है। इसका जलस्तर लगातार कम हो रहा है। वर्तमान में इसमें 720.40 एमसीएफटी पानी है, जिससे 31 जुलाई तक ही शहर में पानी की सप्लाई की जा सकती है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार पांच जुलाई तक जिले में बारिश के आसार नहीं हैं। इस कारण अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।

तिघरा को भरने के लिए अभी तक पेहसारी बांध करीब 500 एमसीएफटी पानी छोड़ा जा चुका है। इसके बावजूद तिघरा का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा है। पेहसारी और ककैटो बांध से करीब 700 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाना है। इतने पानी से 70 दिन तक शहर की प्यास बुझ सकती थी, लेकिन गर्मी के कारण अधिकांश पानी लीकेज और वाष्पीकरण में बर्बाद हो रहा है। इस कारण तिघरा में प्रतिदिन 10 से 15 एमसीएफटी पानी ही पहुंच पा रहा है। तिघरा से शहर को पानी की सप्लाई करने वाली नहर की इस समय 29 चूड़ी खोली गई हैं, जिससे प्रतिदिन 10 एमसीएफटी पानी शहर के लिए छोड़ा जा रहा है। इसमें से कुछ पानी वाष्पीकृत हो रहा है।

60 फीसद शहर को तिघरा से सप्लाईः शहर के 60 फीसद हिस्से को पानी की सप्लाई तिघरा से की जाती है। वहीं 40 फीसद हिस्से में बोरिंगों से पानी पहुंच रहा है। इस स्थिति में अगर बारिश समय पर नहीं हुई तो शहर में पेयजल की समस्या भयावह हो सकती है।

500 एमसीएफटी पानी रहता है डेड स्टोर मेंःतिघरा में करीब 400 से 500 एमसीएफटी पानी डेड स्टोर के रूप में बचा रहता है। इतने पानी में जलीय जीव जीवित रह सकते हैं। इस पानी का उपयोग पेयजल के रूप में नहीं किया जाता। तिघरा सहित अंचल में जितने भी बांध हैं वह सभी सदियों पुराने हैं।

बांधों में पानी की वर्तमान स्थितिः

बांध जल क्षमता वर्तमान स्थिति

तिघरा 4200 1200

हरसी 2314 6803

अपर ककैटो 1844 00

ककैटो 2793 1641

पेहसारी 1562 1087

(नोट: पानी के आंकड़े एमसीएफटी में दिए गए हैं।)

वर्जन-

तिघरा बांध में उपलब्ध पानी से शहर को 31 जुलाई तक ही पानी सप्लाई किया जा सकता है। पेहसारी बांध से लगातार पानी छोड़ रहे हैं, लेकिन तिघरा का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा। बारिश से ही सभी बांध भर पाएंगे, लेकिन अभी तक बारिश हुई नहीं है।

आरएल धाकड़, एसडीओ ककैटो-पेहसारी, जल संसाधन विभाग

Posted By: vikash.pandey
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