HamburgerMenuButton

Gwalior Education News: संगीत के बिना नृत्य और नाट्य की कल्पना नहीं की जा सकती

Updated: | Fri, 26 Feb 2021 12:19 PM (IST)

Gwalior Education News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विवि के नाट्य एवं रंगमंच संकाय का गुरुवार को 'सिनेमा और रंगमंच में संगीत का महत्व विषय पर व्याख्यान हुआ। विशेषज्ञ के रूप में नागपुर के अजय देशपांडे उपस्थित थे। उन्होंने भारतीय सिनेमा के इतिहास में संगीत के विविध चरण गायकी में आए बदलाव के बारे में विस्तार से बताया। इसी क्रम में संकाय के विभागाध्यक्ष डा. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि संगीत के बिना भारतीय नृत्य और नाटक की परिकल्पना नहीं की जा सकती। भारत के शास्त्रीय लोकनाट्य में संगीत रचा बसा है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पंडित साहित्य कुमार नाहर, कुलसचिव केके शर्मा और वित्त नियंत्रक दिनेश पाठक उपस्थित थे।

इनोवेशन होना चाहिए एक से दूसरे व्यक्ति के मध्यः आइटीएम यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ मैनेजमेंट का दो दिवसीय 9वां इनोवेशन समिट गुरुवार से शुरू हुआ। वक्ता के रूप में तीर्थांकर महावीर विवि के वाइस चांसलर रघुवीर सिंह उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इनोवेशन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के मध्य होना चाहिए। टेक्निकल एजुकेशन में भी इनोवेशन बहुत जरूरी हो गया है। आज आइसीटी में भारत की रैंक 108 स्थान पर है। हमारी जीडीपी 9वें स्थान पर है। भारत की ब्रांडिंग भी अब काफी विकसित हुई है। हम दुनिया में शीर्ष 5वें ब्रांड में मौजूद हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमें लगातार इस ब्रांड इमेज को बनाए रखने के लिए इनोवेशन करते रहना होंगे। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में हुए इनोवेशन और नीति आयोग की स्कीम विषय पर विद्यार्थियों को जानकारी दी। इसी क्रम में आइटीएम यूनिवर्सिटी के प्रो. चांसलर डा. दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रो. डा. एसएस भाकर, वर्लपूल कंपनी और अमेरिका के सीनियर ट्रेजरी आफिसर मनीष भट्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Posted By: vikash.pandey
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.