Gwalior Health News: 1000 बिस्तर अस्‍पताल-आधी तैयारी के साथ सी-ब्लॉक

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 06:45 AM (IST)

- 30 अगस्त तक तैयार होने थे 500 बेड, बने 270

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक हजार बिस्तर अस्पताल के सी-ब्लाक का आधी-अधूरी तैयारी के बीच उद्घाटन की तैयारी है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चार अक्टूबर को पुन: ग्वालियर आएंगे, तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ इसका उद्घाटन कर सकते हैं। प्रशासन और पीआइयू के अफसरों का दावा है कि सी-ब्लाक में 500 बेड बनकर तैयार हैं, जबकि धरातल पर सिर्फ 270 बेड ही तैयार हो सके हैं। यहां पानी, बिजली और सीवर की समस्या भी बरकरार है। अस्पताल को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तैयार नहीं है।

1000 बिस्तर अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर निर्माण एजेंसी के अफसर भी सीधे तौर पर कुछ भी बताने से बच रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर अफसरों ने बताया कि सी-ब्लाक में 500 बेड तैयार होने में अभी दो माह का समय और लगेगा। वहीं अस्पताल के ए और बी ब्लाक एक साल में बन सकेगा। गौरतलब है पीआइयू ने 30 अगस्त तक 500 बेड तैयार कर इन्हें अस्पताल के सुपुर्द करने का वादा शासन से किया था, लेकिन एक माह बाद भी काम अधूरा है। हालांकि अब तीन शिफ्ट में अस्पताल निर्माण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन फिनीशिंग कार्य में समय लग रहा है। भवन में रंगाई-पुताई, सफाई और सड़क निर्माण तक का काम होना शेष है।

सी ब्लाक में यह कार्य हो चुका

ब्लाक के आधे हिस्से में 250 बेड डालने की क्षमता है। इसमें लिफ्ट, बिजली फिटिंग, आक्सीजन गैस पाइप लाइन का काम हो चुका है। आक्सीजन प्वाइंट लग चुके हैं, बिजली-पंखे चालू हैं। सबसे अहम बेड और स्टाफ की पूर्ति अभी नहीं हो सकी है। इनकी उपलब्धता होने के बाद ही सी-ब्लाक में मरीज भर्ती किए जा सकते हैं।

यह मुख्य समस्याएं भी हैं बरकरार

1-सीवर: सी-ब्लाक में करीब 200 लेटबाथ बन चुके हैं। सीवर लाइन भी भवन से सेप्टिक टैंक तक पहुंच चुकी है, लेकिन सेप्टिक टैंक तैयार नहीं हो सका है। ऐसे में यदि यहां मरीज भर्ती होते हैं तो उनके सामने लेट-बाथ की समस्या खड़ी होगी।

अस्थाई समाधान: पीआइयू अफसरों का कहना है भवन से निकली सीवर लाइन को अस्पताल के पास स्थित नाले की लाइन से जोड़ देंगे। सेप्टिक टैंक तैयार होने पर सीवर लाइन टैंक जोड़ देंगे।

2-पानी: पानी की सप्लाई के लिए अस्पताल परिसर में एक टंकी तैयार की जानी है, जिसमें अभी समय लगेगा। ऐसे में यदि मरीज भर्ती किए जाएंगे तो उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा।

अस्थाई समाधान: भवन के ऊपर 12 छोटी टंकियां रख दी गई हैं। अस्पताल में छह बोर कराए गए हैं, जिनकी मदद से टंकियों को भरा जाएगा।

3- बिजली: हजार बिस्तर अस्पताल में बिजली की उपलब्धता के लिए 2000 केवी विद्युत की आवश्यकता है। इसके लिए विद्युत स्टेशन परिसर में बनाया गया है। ट्रांसफार्मर भी रखे गए हैं, पर भवन तक लाइन बिछाने व कनेक्शन में समय लगेगा।

अस्थाई समाधान: जीआर मेडिकल कालेज ने सी-ब्लाक में बिजली के लिए 500 केवी भार के कनेक्शन के लिए बिजली कंपनी में आवेदन कर दिया है। यदि जल्द कनेक्शन नहीं होता है तो ठेकेदार अस्थाई लाइन के जरिए सब-मीटर लगाकर बिजली सप्लाई देंगे।

4-सड़क: अस्पताल का मुख्य द्वार कंपू थाना जाने वाले रोड पर खुलेगा। इस सड़क को स्मार्ट सिटी ने स्मार्ट रोड बनाने खोद दिया है। ऐसे में यहां आवागमन शुरू नहीं हो सकेगा।

अस्थाई समाधान: सी-ब्लाक का हिस्सा आमखो से कस्तूरबा चौराह को मिलाने वाले रोड से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए करीब 80 मीटर सड़क बनाई जानी है, यह एक सप्ताह में हो जाएगा।

वर्जन

एक हजार बिस्तर अस्पताल में सीवर, पानी और बिजली की समस्या को जल्द दूर कर दिया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए 10 लाख रुपए जीआरएमसी ने जमा करा दिए हैं। बिजली अफसरों का कहना है दो दिन में कनेक्शन कर दिया जाएगा तथा जनरेटर की उपलब्धता भी कराई जाएगी। पानी और सीवर की समस्या फिलहाल अस्थाई की जा रही है।

प्रदीप अष्टपुत्रे, मुख्य अभियंता, पीआइयू

Posted By: anil.tomar