Gwalior Health News: दिमागी बुखार की जांच के लिए सैंपल की मांग लैब को किट उपलब्ध कराई

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 04:56 PM (IST)

Gwalior Health News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना के बाद बच्चों और बड़ों में दिमागी बुखार की तेजी से शिकायत सामने आई है। इस बीमारी से बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। जिसको लेकर दिमागी बुखार के क्या कारण हैं, इसका पता लगाने के लिए अब जीआर मेडिकल कालेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब को किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। सोमवार को किट की उपलब्धता होते से ही पीडियाट्रिक, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और मेडिसिन विभागों से मरीज के सैंपल की मांग की गई है। मंगलवार को इन सभी विभागों को सूचना दे दी गई कि आप लोग मरीज की जांच कर दिमागी बुखार के कारणों का पता लगाएं, जिससे उनको बेहतर इलाज दे सकें। गौरतलब है कि दिमागी बुखार की शिकायत बच्चों में पाई गई थी तो शिशुरोग विशेषज्ञ डा.अजय गौड़़ ने बुखार के कारणों का पता लगाने के लिए जीआर मेडिकल कॉलेज से जांच सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसी के चलते जीआर मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच किट माइक्रोबायोलॉजी विभाग को उपलब्ध कराई गई है।

जांच से यह होगा लाभ

दिमागी बुखार के कारणों का पता लगाया जा सकेगा। जांच में यह पता चलेगा कि जापानी इंसेफलाइटिस की शिकायत है या फिर मेनिनजाइटिस की। जापानी इंसेफलाइटिस की शिकायत मच्छर के काटने से होती है, जबकि मेनिनजाइटिस की शिकायत से दिमाग के अंदर की झिल्ली में सूजन आ जाती है। दिमाग में पानी पड़ जाना व अन्य जांच से कारणों का पता लगाया जा सकेगा। दिमागी बुखार के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल जांच शुरू कर दी गई है पर कोशिश यह की जा रही है कि यह जांच आगे भी होती रहे। इसके लिए भोपाल स्तर से किट की उपलब्धता को लेकर संपर्क किया गया है। माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डा.वैभव मिश्रा का कहना है कि किट की उपलब्धता हो चुकी है। अब सैंपल आएं तो उनकी जांच शुरू कर दी जाएगी।

Posted By: anil.tomar