पत्नी ने पति के सामने रखी शर्त, प्रेमिका से दूर रहोगे, समय से घर आओगे, लोकेशन भी बतानी होगी

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 09:11 PM (IST)

Gwalior husband wife dispute News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आनलाइन मध्यस्थता में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें पत्नी को मायके से घर लाने पति ने पांच शर्तें मानीं। मध्यस्थता में पत्नी ने पति के सामने पहली शर्त रखी कि विवाहिता या प्रेमिका में एक का ही चुनाव करना होगा, उसी के साथ रहना होगा। पति ने प्रेमिका को छोड़ने तैयार हो गया। साथ ही पति ने सभी शर्तें मान लीं, जिसके बाद पत्नी मायके से घर आने को राजी हो गई।

मध्यस्थताकर्ता हरीश दीवान ने बताया कि जबलपुर में 29 अगस्त 2020 को दोनों का विवाह हुआ था। आठ महीने साथ रहने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने शुरू हो गए। पति का शादी से पहले दूसरी महिला के साथ संबंध था। आठ महीने साथ रहने के बाद पत्नी, पति को छोड़कर मायके चली गई। दोनों के बीच का विवाद थाने तक पहुंच गया था। महिला ने जबलपुर के अगरतला थाने में पति के खिलाफ आवेदन दिया। उसने शिकायत की कि पति दूसरी महिला को अपने साथ रखे है। मध्यस्थता के लिए मामले को ग्वालियर भेज दिया। हरीश दीवान ने ग्वालियर से वर्चुअल (आनलाइन) मध्यस्थता की। दीवान ने पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़े के कारण को जाना। झगड़े के जो कारण बन रहे थे, उन्हें खत्म कराया। पत्नी ने जो शर्त रखी, उन्हें पति मानने को तैयार हो गया। इस तहर दोनों के बीच झगड़ा खत्म हो गया।

पत्नी ने ये शर्तें रखी थीं पति के सामने

- अपनी प्रेमिका से संबंध खत्म करने होंगे। उससे भविष्य में कोई वास्ता नहीं रहेगा, न बात चीत करेगा।

- प्रतिदिन छोटी-छोटी बातों को लेकर पति झगड़ा करता था, उसे बंद करना होगा।

- पति निजी कंपनी में नौकरी करता है। पति को जितना भी वेतन मिलता है, वह पूरा हर महीने पत्नी के हाथ में देगा।

- जब भी पत्नी फोन करेगी, उसे उठाना होगा। पत्नी के लोकेशन मांगने पर अपनी लोकेशन देनी होगी।

- समय पर घर आएगा और समय पर घर से निकलेगा।

आनलाइन की जा रही मध्यस्थता

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस विभाग व समा ने मध्यस्था का वर्चुअल प्लेटफार्म तैयार किया है। ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर में इसे पायलेट प्रोजेक्ट के तहत संचालित किया जा रहा है। वर्चुअल व्यवस्था आने के बाद पुलिस थाने में आने वाले आवेदनों पर दंपती को काउंसिलिंग के लिए थाने नहीं जाना पड़ता है। ग्वालियर से भोपाल व जबलपुर के केसों में काउंसिलिंग हो रही है।

- वर्चुअल काउंसिलिंग करने के लिए दोनों पक्षों की सहमति ली जाती है। उन्हें आनलाइन जोड़ने के लिए लिंक दी जाती है। कानून के जानकार या समाज सेवा का अनुभव रखने वालों के माध्यम से काउंसलिंग कराई जाती है।

Posted By: anil.tomar