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Gwalior Municipal Corporation News: अमृत याेजना में अवैध वसूली की जांच अधिकारियाें ने टाल दी पीडीएमसी पर

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 09:26 AM (IST)

Gwalior Municipal Corporation News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अमृत योजना में नल कनेक्शनों को लेकर की गई अवैध वसूली की जांच के लिए अधीक्षण यंत्री ने इंटरनेट मीडिया (वाट्सएप) पर कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए। कार्यपालन यंत्री ने सहायक यंत्री को निर्देश दिए, सहायक यंत्री ने जांच का जिम्मा पीडीएमसी पर टाल दिया। जबकि यह जांच अधिकारियों को करनी थी।

नईदुनिया ने 24 जून के अंक में अमृत योजना के तहत ठेकेदारों ने अधिकारियों से सांठगांठ कर अमृत के हर कनेक्शन पर 1500 रुपये वसूले शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर की कटिंग को अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य ने नगर निगम के पीएचई विभाग के अधिकारिक ग्रुप इंटरनेट मीडिया (वाट्सएप) पर पोस्ट की और कार्यपालन यंत्री जागेश श्रीवास्तव को इस मामले की डोर टू डोर जाकर जांच कराने के निर्देश दिए। जिससे पता चल सके कि ठेकेदार के लोगों ने कितने लोगों से पैसों की वसूली की है। जागेश श्रीवास्तव ने यह जांच दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के सहायक यंत्री केसी अग्रवाल को सौंप दी। केसी अग्रवाल ने यह मामला पीडीएससी (प्रोजेक्ट डेवलपमेंट मैनेजमेंट कंसलटेंट) पर टाल दिया है। जबकि इस मामले में करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई है। शहर में अमृत योजना के तहत 440000 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, प्रत्येक नल कनेक्शन के लिए सरकार ने ठेकेदार को 3000 रुपये का भुगतान भी किया है। नल कनेक्शन देते हुए जनता से पैसे नहीं लेने थे, यह कनेक्शन आमजनों को मुफ्त दिए जाने थे, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों ने अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर अवैध वसूली की है। प्रत्येक व्यक्ति से 1500 रुपये लिए गए हैं। हैदरगंज में करीब 800 कनेक्शन दिए गए हैं। ऐसे में ठेकदार ने 12 लाख रुपये की अकेले हैदरगंज से ही अवैध वसूली की है। यहीं हाल शहर के अन्य इलाकों का भी रहा है, ठेकेदार ने लोगों से कहा कि नए नल कनेक्शन अमृत में दिए जा रहे हैं, इसलिए इसके पैसे लगेंगे। लोगों को पता नहीं था इसके चलते उन्होंने पैसे दिए।

वर्जन-

अधीक्षण यंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं, गुरुवार को टीम को जाना था, लेकिन अब शुक्रवार से नगर निगम और पीडीएमसी की टीमें संयुक्त रूप से जांच करेंगी। इसके बाद ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।

जागेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री नगर निगम पीएचई

Posted By: vikash.pandey
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