Gwalior Municipal Corporation News:1000 किमी पानी की लाइन डालने की तैयारी, बचे हुए 30 फीसद ग्वालियर को मिलेगा पानी

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 03:13 PM (IST)

Gwalior Municipal Corporation News:ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अमृत 2.0 की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा करते ही ग्वालियर नगर निगम ने पार्ट 2 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार अमृत योजना के फेज-1 में बचे हुए भाग को लेने की तैयारी है। साथ ही नवीन जोड़े गए छह वार्डों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। छह नए वार्डों का क्षेत्रफल 274 स्क्वायर किलोमीटर है। इसके साथ ही ग्वालियर शहर का भी 30 प्रतिशत हिस्सा अभी अमृत से नहीं जुड़ सका है। इसके चलते इस बार करीब 1000 किलोमीटर पानी की लाइन डालने की योजना है। साथ ही सीवेज नेटवर्क के लिए 800 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली जाएगी। इस बार अमृत की डीपीआर पहले की अपेक्षा काफी बड़ी होगी। वहीं पानी के लिए केंद्र सरकार से 550 करोड़ रुपये लाने की बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कर चुके हैं। इसमें से 300 करोड़ के करीब चंबल प्रोजेक्ट के लिए हैं, जबकि बाकी की राशि पानी की लाइनें डालने के लिए है। अमृत योजना के तहत ग्वालियर में 806 किलोमीटर पानी की लाइन 278 करोड़ रुपये की लागत से डाली गई थी। इसके साथ ही 52 करोड़ की लागत से 160 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इससे 478 किलोमीटर क्षेत्र में पुरानी पानी की लाइन बिछी हुई है। इसके बाद भी अभी 30 प्रतिशत हिस्से में पेयजल बोरिंगों व टैंकर के भरोसे ही है। पूरे नगर निगम सीमा में पेयजल तिघरा बांध से देने के लिए इस बार पूरे क्षेत्र को जोड़ा जाएगा।

यह हो चुके हैं फेज-1 में कार्यः

-806 किलोमीटर पानी की लाइन डाली गई।

-700 किलोमीटर पेजयल सप्लाई।

-106 किलोमीटर पानी की टंकियों को भरने और तिघरा से पानी लाने की है।

-278 करोड़ की लागत से डाली है पाइप लाइन।

-52 करोड़ की लागत से बना है वाटर ट्रीटमेंट प्लांट।

-160 एमएलडी क्षमता है वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की।

फेज-2 में यह होंगे कार्यः

-1000 किलोमीटर डाली जाएगी पानी की लाइन।

-800 किलोमीटर डाली जाएगी सीवेज की लाइन।

-20 एसटीपी प्लांट लगाए जाएंगे।

-100 हेक्टेयर में पार्क बनाए जाएंगे।

-50 तालाबों को पुनर्जीवित किया जाएगा।

-नवीन सड़कें बनाई जाएंगी।

इंदौर की तर्ज पर साफ होंगी स्वर्णरेखा और मुरार नदीः ग्वालियर नगर निगम ने अभी एसटीपी का पानी सीधे जल संसाधन विभाग को दिया है। अब फेज-2 में इस पानी को एसटीपी से लाकर नदी में डाला जाएगा। इसके बाद जब यह पानी बहकर पहुंचेगा तब इसे जल संसाधन विभाग को दिया जाएगा।

तेजी से कार्य करने के दिए हैं निर्देशः नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल ने अधिकारियों को काफी तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पिछला प्रोजेक्ट चार साल में पूरा हुआ था, जो कि समयसीमा से दो साल देरी से हुआ है, जबकि इस प्रोजेक्ट को समयसीमा में करने की बात कही जा रही है।

वर्जन-

अमृत फेज-2 के दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही इसके टेंडर आदि पर भी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जैसे ही इसकी गाइडलाइन आएगी उसी के अनुरूप तत्काल हम कार्य प्रारंभ कर देंगे। इस बार कार्य बहुत तेजी और गुणवत्ता के साथ किया जाएगा।

किशोर कान्याल, नगर निगम आयुक्त

Posted By: vikash.pandey