Gwalior Municipal Corporation News: स्वर्ण रेखा और मुरार नदी में बह रहा सीवेज, इधर अमृत याेजना काे बंद करने की तैयारी

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 02:09 PM (IST)

Gwalior Municipal Corporation News: दीपक सविता, ग्वालियर नईदुनिया। शहर को सुधारने के लिए लाई गई अमृत परियोजना शहर के दर्द का कारण बनी हुई है। अमृत योजना में शहर के सभी नालों को टैप कर उन्हें सीवर लाइन में जोड़ना था। इसके बाद इन नालों के पानी को साफ कर इसका उपयोग किया जाना था, लेकिन शहर के अंदर बहने वाली स्वर्ण रेखा और मुरार नदी में गिरने वाले किसी भी नाले को बंद नहीं किया गया। इसके कारण शहर के अंदर नदियों में सीवेज आज भी बह रहा है। जबकि इंदौर ने अमृत योजना के तहत ठीक कार्य किया और कान और सरस्वती नदी के सभी नालों को टैप कर पानी को फिल्टर किया। इसके बाद इस पानी को फिर से इन दाेनों नदियों में डालकर उसमें साफ पानी बहा दिया। इंदौर के इस चमत्कार से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हैरान थे और उन्होंने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों की जमकर तारीफ की। वहीं ग्वालियर नगर निगम के अधिकारियों ने ऐसा कोई कार्य नहीं किया, जिससे शहर का हित हो सके। वहीं अब 30 दिसंबर तक अमृत योजना पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी, जिसके कारण लोग परेशान होंगे।

हाइवे ओर अवैध कालोनियों में डाल दी सीवर लाइनः अमृत योजना केे तहत शहर की पुरानी सीवर लाइनों को बदला जाना था। इसके साथ ही जहां सीवर लाइन नहीं हैं, वहां पर सीवर लाइन डाली जानी थी। निगम अधिकारियों ने कालोनाइजरों से सांठगांठ कर सीवर लाइन को अवैध कालोनियों में डाल दिया। साथ ही हाइवे पर डाल दिया, जहां कोई इंसान ही नहीं रहता है। पैसों की बर्बादी के कारण एक ओर जहां अमृत योजना प्रभावित हुई, वहीं इसका लाभ भी लोगों को नहीं मिल सका।

Posted By: vikash.pandey