Gwalior News: थाटीपुर साईं धाम में मनाया धूनी पूजन पर्व, भक्ताें ने अर्पित किया घी, कपूर

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 02:57 PM (IST)

Gwalior News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बैंकर्स कालोनी थाटीपुर स्थित साईं धाम में शुक्रवार काे धूनी पूजन पर्व मनाया गया। गौरतलब है कि साईं धाम बैंकर्स कालोनी थाटीपुर प्रदेश का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां शिरडी महाराष्ट्र स्थित साईं बाबा की प्रज्वलित अखंड धूनी का अंश प्राप्त है। यह अंश गत नौ वर्षों से प्रज्वलित है। कार्यक्रम में भक्तों ने धूनी में हवन सामग्री, कपूर, घी आदि अर्पित किया। मुख्य अतिथि विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार थे। इस मौके पर मंदिर समिति अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, सचिव देवेंद्र सिंह कुशवाह, प्रेम सिंह, प्रदीप तलेगांवकर, जीडी कोली, रामपाल सिंह, आशीष सिकरवार, मोहित शर्मा, नीतू माथुर और रिया यादव आदि उपस्थित थे।

परिचय सम्मेलन तीन अक्टूबर कोः कबीर कोली संघर्ष मंच ग्वालियर द्वारा युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन तीन अक्टूबर को रेल्वे क्रॉसिंग, पड़ाव थाने के सामने, लक्ष्मणपुरा कार्यालय पर आनलाइन किया जाएगा। परिचय सम्मेलन का विषय धहमारी शिक्षा संस्कृति एवं संस्कार रहेगा। इसमें विवाह योग्य युवक-युवती के बायो-डाटा को आनलाइन किया जाएगा। जिससे वह अपना परिचय आनलाइन दे सकें। आनलाइन परिचय देने के लिए अपने बायो-डाटा परिचय सम्मेलन ग्रुप में दो अक्टूबर 2021 तक पोस्ट किए जा सकते हैं।

हीरक जयंती कलः मप्र डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन संगठन के 75 वर्ष पूर्ण होने पर रविवार को कृषि महाविद्यालय ग्वालियर के सभागार समिनार का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शाम चार बजे हीरक जयंती समारोह तथा प्रदेश स्तरीय अभियंता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर रहेंगे। अध्यक्षता संगठन के प्रांताध्यक्ष इं. राजेंद्र सिंह भदौरिया करेंगे।

सेवा के लिए आयु का बंधन जरूरी नहीं: मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा संचालित पार्वती बाई गोखले विज्ञान महाविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस मनाया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख प्रदीप खांडेकर रहे। अतिथि परिचय कार्यक्रम समन्वयक प्रशांत पांडे ने दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक कर्मचारी प्रीतम सिंह कुशवाह को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि सेवा अपने आप में बड़ा धर्म है। सेवा के लिए आयु का बंधन नहीं होता, सेवा के लिए आवश्यक है संवेदना। स्वयंसेवक सेवा के ही क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे यूं ही आगे बढ़ते हैं। उनसे समाज को दिशा मिलती है।

Posted By: vikash.pandey