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Gwalior Panchkalyanak Mahotsav: आदिकुमार के विवाह में झूम कर नाचे बाराती

Updated: | Fri, 26 Feb 2021 11:10 AM (IST)

Gwalior Panchkalyanak Mahotsav: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। फूलबाग मैदान (अयोध्या नगरी) में जैन समाज द्वारा कराए जा रहे भव्य पंचकल्याणक महोत्सव के चौथे दिन गुरूवार को युवराज आदिकुमार का राज्य तिलक के साथ बारात निकाली गई। बैराग्य गमन भी किया गया, जिसे देख लोग भावुक हो गए। मुनिश्री विहर्ष सागर एवं विजयेश सागर महाराज के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव जिनबिंब प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ चल रहा है। महोत्सव के चौथे दिन दीक्षा कल्याण में सुबह नित्य पूजा, मुनिश्री के मंगल प्रवचन के पश्चात आदिकुमार का विवाह, राज्य तिलक नीलांजना, वैराग्य एवं दीक्षा संस्कार कार्यक्रम हुए। तीर्थंकर आदिकुमार के माता-पिता महाराजा नाभिराय कोमलचंद व रजवांस महारानी मरूदेवी शशि जैन द्वारा वैवाहिक बारात निकाली गई। अयोध्या में आदिकुमार का राज्याभिषेक हुआ। राजा नाभिराय और माता शशि मरूदेवी व राजकुमार के दर्शन के लिए कई राज्यों के राजतिलक राज व्यवस्था और 32 मुकुटबद्ध राजा हाथ में बधाई भेंट लेकर आए। राजा-महाराजाओं ने अयोध्या नगरी में भक्ति नृत्य कर खुशी जाहिर की। यह देखने पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

वैराग्य देखभावुक हुए लोगः राजसभा में रिद्धि जैन और नेहा जैन ने संगीतकार राजकुमार जैन के स्वर संगीत पर नीलांजना नृत्य की प्रस्तुति दी। नृत्य के दौरान घटित घटनाक्रम को देखकर राजा आदिकुमार को क्षण भंगुरता का बोध हुआ और वैराग्य हो गया। वैराग्य के मार्मिक प्रसंग की क्रियाओं को देख पंडाल में उपस्थित सभी लोग भावुक हो गए। आदिकुमार को वैराग्योत्पति के बाद लौकांतिक देवों द्वारा स्तवन, उनका दीक्षावन की ओर प्रस्थान व दीक्षा के साथ तप कल्याणक की क्रियाएं की गई। माता पिता और राज के लोगाें ने रोकने की कोशिश की , मगर वे नहीं रुके। आदिनाथ को जैसे ही इस संसार से वैराग्य मिला, उन्होंने खंडकावन में साल वृक्ष के नीचे नम: सिद्धेभ्य: बोलते हुए सिद्धसाक्षी दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा के संस्कार मुनिश्री विहर्ष सागर ने की।

जातीवाद में फंसा हुआ है समाज का जीवःमुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने कहा कि राम, हनुमान, महावीर के समय में समूहबाजी नहीं थी। आज खींचातानी, जातिवाद में समाज व संसार का जीव फंसा हुआ है। आपस में प्रेम, स्नेह, वात्सल्य लोगों में कम हो गया है। लोगों को संगठित होने की बहुत जरूरत है। वर्तमान में मनुष्य ही मनुष्य को दुख पहुंचाने का कारण ढूंढता है।

कलेक्टर, एसपी ने लिया आशीर्वादः महोत्सव में ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी और अपर कलेक्टर रिंकेष वैश्य पहुंचे। उन्हाेंने मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज के चरणों में श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद लिया।

आज आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम हाेंगेः 26 फरवरी को दोपहर 1 बजे से प्राण प्रतिष्ठा, सूरिमंत्र, केवल ज्ञानोत्पति, समवशरण रचना, दिव्यध्वनि केवल ज्ञान होगा। शाम 6: 30 बजे से आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

Posted By: vikash.pandey
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