Gwalior Phone Lost News: शहरवासियों के हर दिन गुम हो रहे 150 मोबाइल फोन

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 12:31 PM (IST)

- शिकायतें साइबर सेल में हो रही दर्ज, आइएमईआइ नंबर से किया जा रहा ट्रैस

Gwalior Phone Lost News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिंदगी का हिस्सा बने मोबाइल फोन के गुम होने के मामले भी बढ़ रहे हैं, जो एसपी आफिस साइबर सेल तक पहुंच रहे हैं। यहां से मिले आंकड़े चौकाते हैं। साइबर सेल में हर दिन 150 मामले मोबाइल फोन गुम होने के पहुंच रहे हैं। इनमें से सिर्फ 10 ही फोन उपभोक्ताओं को वापस मिल पा रहे हैं। लगातार मामले दर्ज होने से पुलिस के हाथ बड़ी सफलता नहीं लग पा रही है। साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार शिकायत उसी व्यक्ति की दर्ज की जाती है, जिसके पास फोन का आइएमईआइ नंबर होता है। इसके बाद शिकायतकर्ता को खुद की संपूर्ण जानकारी एक फार्म में भरनी होती है। आइएमईआइ नंबर से पुलिस मोबाइल फोन को ट्रैस करने की कोशिशा करती है। साइबर सेल के अधिकारियों का शिकायतकर्ता सिर्फ सिम बंद कराने के लिए आवेदन करते हैं। वे मोबाइल फोन के दोबारा मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं, जबकि पुलिस अपने स्तर पर काम करती है।

सिम लगाने के बाद ही ट्रैस हो पाता है फोन

जिस व्यक्ति के हाथ में फोन पहुंचता है वह उसका उपयोग दूसरी सिम डालकर ही करता है। अगर फोन बंद है तो फोन का पता लगाना असंभव है। सिम डालकर आन करने से फोन की लोकेशन मिल जाती है। फोन को ट्रैक करने के लिए पुलिस ट्रायंगलेशन मैथड का प्रयोग करती है। इस मैथड में मोबाइल ऑन होते ही सिम कंपनी के टावर से कनेक्ट होती है।

मार्केट से खरीदें साफ्टवेयर

मोबाइल एक्सपर्ट आलोक आहूजा ने बताया कि फोन खोने पर ग्राहक अपना फोन स्वयं ही ट्रैक कर सकता है। इसके लिए उसे मार्केट से मोबाइल ट्रैक करने का साफ्टवेयर खरीदना होगा। जिस व्यक्ति के हाथ में मोबाइल पहंुचा है, अगर उसने इंटरनेट उपयोग किया तो फोन मेल आइडी से भी ट्रैक हो जाएगा। किसी ने फोन फार्मेट कर दिया तो उसका मिलना असंभव है।

हर दिन खो रहे 150 फोन

हर दिन 150 फोन खोने की शिकायतें साइबर सेल में दर्ज होती हैं। शिकायत के बाद फोन को तुरंत खोज लेना थोड़ा सा मुश्किल रहता है। इस दिशा में टीम काम करती है। हर माह 10 मामलों का हल करना भी टीम की उपलब्धि है।

संजय जादौन, प्रधान आरक्षक, साइबर सेल

Posted By: anil.tomar