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Gwalior Police News: गाइड लाइन का पालन नहीं करती पुलिस, होती है कोर्ट में शर्मशार

Updated: | Thu, 24 Jun 2021 10:14 PM (IST)

Gwalior Police News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि । महिला संबंधी अपराधों में सु्प्रीम कोर्ट से लेकर पीएचक्यू की स्पष्ट गाइड लाइन है। अपराध दर्ज करने व पड़ताल करने में इन गाइड लाइनों का अक्षरश पालन होना चाहिए। गाइड लाइनों के पालन करने में चूक करना ही कोर्ट में भारी पड़ता है। इसलिए पुलिस को कोर्ट में कई बार शर्मसार होना पड़ता है। जबकि पुलिस के दैनिक कामकाज की निर्धारित गाइड लाइन है। सूर्यास्त के बाद महिला को थाने में किसी भी सूरत में थाने में बैठाकर रखना नहीं नाबालिग के साथ दुषकर्म के मामले पुलिस के संबंध में की गई तल्ख टिप्पणी इसी लापरवाही का नतीजा है। रिटायर्ड डीएसपी सुरेंद्र सिंह परमार का भी मानना है कि कई बार विवेचक इन गाइड लाइनों को अनदेखा करते हैं। यही चंूक पुलिस पर कोर्ट में आरोपों का सामना करते समय भारी पड़ती है।

नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में हाइकोर्ट ने मुरार थाना प्रभारी अजय पवार व एसआइ कीर्ति उपाध्याय के खिलाफ किशोरी को अवैध रूप थाने में बैठाकर रकने का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों पर 50 हर्जाना लगाया है। पांचों पुलिस अधिकारियों को ग्वालियर-चंबल रेंज से बाहर भेजने के निर्देश दिए हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि कोर्ट ने पुलिस पर भरोसा नहीं करते हुए इस मामले की जांच सीबीआई को करने के लिए निर्देशित किया है। कोर्ट में पुलिस को इससे पहले भी कई बार शर्मसार होना पड़ा है। इस आदेश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विधि विशेषज्ञों से भी चर्चा कर रहे है्।

तत्कालीन बहोड़ापुर थाना प्रभारी ने निर्दोष को इनामी बताकर थाने में बैठाकर रखा-

तत्कालीन बहोड़ापुर थाना प्रबारी दिनेश सिंह राजपूत ने निर्दोष को इनामी बताकर उसे गिरफ्तार करना बताकर पकड़ लिया। थाने में बैठा निर्दोष उनसे गुहार करता रहा है कि मेरे ऊपर कोई प्रकरण दर्ज नहीं है। और नहीं कभी इनाम घोषित किया है। पुलिस ने निर्दोष की बात को गंभीरता से नहीं लिया। और संबंधित थाने से इसकी तस्दीक भी नहीं की इस मामले में भी कोर्ट में जिले के आला अधिकारियों को शर्मसार होना पड़ा।

डीएसपी के घर पर आतिशाबाजी के मामले मेंं कोर्ट ने इस मामले से जुड़े अधिकारियों को रेंज से बाहर भेजने के आदेश दिए-

डीएसपी विजय सिंह भदौरिया के घर के सामने आतिशबाजी करने पर सरदार सिंह यादव के मामले में पुलिस अधिकारियों को कोर्ट का सामना करना पड़ा था। इस मामले से जुड़े अधिकारियों को रेंज से बाहर भेजने के निर्देश दिए थे।

Posted By: anil.tomar
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