Gwalior Political News: कांग्रेस ने दिया कलेक्टर काे ज्ञापन, कहा-कांग्रेसियाें पर दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएं, सिंधिया की रैली पर प्रतिबंध लगाया जाए

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 01:37 PM (IST)

Gwalior Political News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री बनने के बाद राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया का पहली बार 22 सितंबर को गृहनगर ग्वालियर आगमन हो रहा है, लेकिन सिंधिया के स्वागत को लेकर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। भाजपा व सिंधिया के कट्टर समर्थकों के साथ कांग्रेस का सीधा टकराव देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों व अन्य पदाधिकारियों ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से इस संदर्भ में मुलाकात की। कांग्रेस ने कलेक्टर से कोविड गाइडलाइन व धारा 144 के लागू होने का जिक्र करते हुए सिंधिया की रैली व स्वागत को प्रतिबंधित करने की मांग की है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा.देवेंद्र शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष अशोक सिंह, पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव, विधायक सतीश सिंह सिकरवार एवं प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने कलेक्टर से कहा कि कांग्रेस द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए धरना व विरोध प्रदर्शन किए जाते हैं। नागरिकों द्वारा भी ताजिए, मोहर्रम, गणेश उत्सव कोरोना गाइडलाइन की बंदिश में मनाया गया। रामलीला व दुर्गाअष्टमी जैसे कार्यक्रमों पर भी कोरोना गाइडलाइन की बंदिश है। 15 सितंबर को धारा 144 लागू की गई है। जिसमें रैली, जुलूस निकालना प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे में अगर 22 सितंबर को सिंधिया की रैली में धारा 144 का उल्लंघन होता है, तो स्वागत रैली करने वालों पर प्रकरण दर्ज किए जाएं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरण लिए जाएं वापसः ज्ञापन में लिखा है कि 9 सितंबर को नगर निगम मुख्यालय पर बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनायादी सुविधाओं के लिए शांतिपूर्ण धरना कांग्रेस द्वारा दिया गया था। इस धरने में आम नागरिकों ने भी भागेदारी निभाई थी। धरने में शामिल होने के लिए किसी को आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बावजूद भाजपा के दबाव में कांग्रेसियों पर प्रकरण दर्ज किया गया। 9 सितंबर को ही भितरवार में बाढ़ के कारण बेघर हुए किसानों ने कांग्रेस के साथ शांतिपूर्ण धरना दिया। यहां भी कांग्रेसियों पर प्रकरण दर्ज किए गए, जो अनुचित है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन प्रकरणों को वापस लिया जाए। बाबा साहब आंबेडकर के संविधान में कानून सबके लिए बराबर है, फिर चाहें कोई विधायक हो या राष्ट्रपति।

Posted By: vikash.pandey