Gwalior Ramleela News: गंगा पार कराने से पहले केवट ने भगवान के पखारे पांव

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 08:32 AM (IST)

-रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन जारी, आठवें दिन राजा दशरथ ने त्यागे प्राण

Gwalior Ramleela News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरार स्थित रामलीला मैदान पर सांझ ढलते ही रामलीला का मंचन हो रहा है। रामलीला के आठवें दिन शुक्रवार को भरत मिलाप, केवट संवाद और दशरथ मरण का मंचन कलाकारों ने किया। मंच से प्रथम दृश्य की शुरुआत भगवान राम के वनवास से होती है। वे वन की ओर जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात निषाद राज से होती है, फिर भगवान ने निषाद राज से गंगा पार करने के लिए केवट को बुलवाया। गंगा पार उतारने के लिए कहा, लेकिन केवट ने गंगा पार उतारने से मना कर दिया और कहा की आपके चरण रज से पत्थर की शिला नारी बन गयी थी, मेरी नाव का न जाने क्या होगा।

केवट भगवान के सामने शर्त रखते हुए नाव में बैठाने से पहले उनके पांव पखारने के लिए कहते हैं। केवट अपने हाथों से भगवान राम के चरण धोते हैं। इसके बाद केवट राम जी को गंगा पर उतार देता हैं। वहीं सुमंत जी वापस अयोध्या लौट के आते हैं और बड़े ही दुखित होकर महाराज दशरथ को राम के वापस न लौटने की बात बताते हैं। इस बात को सुनकर महाराज दशरथ व्याकुल एवं दुखी होकर राम के वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। भरत जी ननिहाल से आते हैं, जिन्हें राम के वनवास एवं पिता की मृत्यु का समाचार मिलता है, जिसे सुनकर भरत दुखी हो माता कैकई से इन सब अनहोनियों का कारण पूछते हैं। तब माता कैकई उन्हें बताती हैं की मंथरा की सम्मति से उन्होंने राजा से अपने दो वरदान मांग लिए, जिससे दुखी होकर राजा ने प्राण त्याग दिए। यह सब बातें सुनकर भरत माता कैकई पर बहुत ही क्रोधित होते हैं और उन्हें त्याग कर माता कौशल्या से कैकई की गलती की क्षमा मांगते हैं। भरत भैया राम को वापस लेकर आने के लिए वन जाने का प्रण करते हैं, वहीं वन में सीता जी को एक अशुभ स्वप्न आता है। भरत वन में भगवान राम को पिता की मृत्यु का समाचार बताते हैं। राम दुखी होते है, भरत राम से वापस लौटने के लिए आग्रह करते हैं, लेकिन वे वापस नहीं लौटते हैं। भरत भगवान राम की खड़ऊं अपने सिर पर रख कर ले जाते हैं।

Posted By: anil.tomar