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Gwalior Unlock 3.0: लापरवाही हुई अनलाक, निगरानी दावों में लाक

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 08:47 AM (IST)

Gwalior Unlock 3.0: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर हर कोई आशंकित है। बावजूद इसके बाजारों में लापरवाही पूरी तरह अनलाक हो गई है। 24 दिन पहले तक जहां शहर में जनता कर्फ्यू प्रभावी था, बाजार बंद थे व आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। अब पुलिस-प्रशासन की खानापूर्ति की निगरानी के चलते कोविड गाइडलाइन तार-तार हो रही है। अधिक कमाई के मोह में मास्क नहीं तो सामान नहीं शपथ व्यापारियों के लिए मात्र स्लोगन बनकर रह गए हैं। शहर के किसी भी बाजार में इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। सरकारी दफ्तरों में भी लापरवाही बदस्तूर जारी है। वहीं अफसर खानापूर्ति की कार्रवाई कर कागजों में दर्ज कर रहे हैं।

गुरुवार को भी रोज की तरह टोपी बाजार, नजरबाग, सुभाष व गांधी मार्केट, सराफा बाजार, दौलतगंज, नया बाजार, दाल बाजार व लोहिया बाजार में भीड़ रही। यहां शारीरिक दूरी का पालन होना तो दूर की बात कई लोग बिना मास्क के ही घूमते नजर आए। इसके अलावा बहोड़ापुर, तानसेन रोड, चार शहर का नाका, हजीरा व मुरार के बाजारों में भी यही स्थिति थी। 10 जून से पहले तक जहां रोजाना सैकड़ों लोगों के चालान कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने के कारण किए जा रहे थे। वहीं अब न के बराबर सख्ती बरती जा रही है। बाजारों में हो रही यह लापरवाही कोरोना की तीसरी लहर के लिए निमंत्रण साबित हो सकती है। रात आठ बजे बाजारों को बंद करने का प्रशासनिक आदेश है, मगर उसका भी उल्लंघन हो रहा है। व्यापारी संगठन जहां बीते दिनों व्यापारियों के हित में चिंताग्रस्त थे। प्रशासन से मांग कर रहे थे कि बाजारपूरी क्षमता के साथ खोले जाएं। मगर अब बाजारों में भीड़ नियंत्रण व मास्क की अनिवार्यता को लेकर कैट व चैंबर आफ कामर्स आदि के द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। वे सिर्फ प्रशासन द्वारा सख्ती किए जाने की बात कहकर इतिश्री कर रहे हैं।

धार्मिक स्थल पर भीड़ जुटी, पहुंचा प्रशासन: घाटीगांव में कन्हेर झील के पास स्थित धार्मिक स्थल पर भीड़ जुटने की खबर पर पुलिस और प्रशासन की टीम गुरुवार को मौके पर पहुंच गई। यहां आयोजन में भारी भीड़ पाए जाने पर देर रात कार्रवाई की गई। इसको लेकर लेागों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को शिकायत भी की।

500 से 50 पर सिमट गई चालानी कार्रवाईः अनलाक के बाद से जिला प्रशासन के इंसीडेंट कमांडर भी सुस्त पड़ गए। जहां कोरोना के समय में चालान 500 पार जाते थे वहीं अब इंसीडेंट कमांडरों के चालान सिमट कर 50 के आंकड़े पर आ गए हैं। पिछले तीन दिनों के चालान गुरुवार को 27, बुधवार को 44 और मंगलवार को 35 चालान के आंकड़ों से ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन के बाद भी यह हाल है। एक जून से लेकर 23 जून तक औसतन 50 चालान का आंकड़ा रोज है।

वर्जन-

दाल बाजार, लोहिया बाजार व बाड़ा स्थित सभी बाजार आठ बजे तक बंद हो जाते हैं। बहोड़ापुर व गली-मोहल्लों का मालूम नहीं। बाजारों में हो रही लापरवाही को लेकर प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए। फिलहाल हम टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं। संक्रमण नियंत्रण में है। बाजार पूरी क्षमता व समय के साथ खुलना चाहिए। कोचिंग संचालन भी शुरू हो।

डा. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव, चैंबर

वर्जन-

दाल बाजार में सभी व्यापारियों का वैक्सीनशन करवा दिया गया है, अधिकांश लोग मास्क भी लगाते हैं। कुछ लोग नहीं मानते तो क्या कर सकते हैं। प्रशासन उन पर सख्ती बरते। शादियों का सीजन है, इसलिए भी अधिक भीड़ हो रही है। महीना समाप्त होने को है, इसलिए लोग महीने का राशन लेने भी दाल बाजार आ रहे हैं।

मनीष बांदिल, सचिव दाल बाजार व्यवसायी संघ

वर्जन-

हम व्यापारियों से लगातार सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं। मास्क नहीं तो सामान नहीं इन शब्दों पर यदि व्यापारी अमल करें तो स्थिति सुधर सकती है। मगर व्यापारी खुद ही मास्क नहीं लगा रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रशासन की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। इंसीडेंट कमांडरों पर काफी अधिक लोड है, वे टीकाकरण को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भूपेंद्र जैन, प्रदेशाध्यक्ष, कैट

वर्जन-

बाजारों में ट्रैफिक जाम के कारण भीड़ महसूस होती है। जिन व्यापारियों की छोटी दुकान होती है, वहां 2-4 लोग भी खड़े हो जाते हैं, तो भीड़ दिखने लगती है। 10 फीसद लोग कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करते हैं, उन्हें भी सतर्कता बरतना चाहिए। प्रशासन सख्ती बरते, हम सहयोग करेंगे।

संदीप वैश्य, अध्यक्ष टाेपी बाजार व्यवसाई संगठन

वर्जन-

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सभी इंसीडेंट कमांडरों को बाजार और अलग-अलग जगहों पर निगरानी रख कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एक जून अनलाक के बाद से चालानी कार्रवाई का आंकड़ा कम है, इसकी समीक्षा कर सख्ती बढ़ाई जाएगी।

रिंकेश वैश्य, एडीएम

Posted By: vikash.pandey
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