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Gwalior Vaccination News: घर की कैद से आजादी दिला रही वैक्सीन

Updated: | Sun, 07 Mar 2021 11:45 AM (IST)

Gwalior Vaccination News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के भय ने बुजुर्गों को घर में कैद कर दिया था। मगर संजीवनी( काेराेना वैक्सीन) की आस ने उन्हें घर की चार दिवाराें से निकालकर टीकाकरण केंद्र तक पहुंचा दिया। बुजुर्गों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें कोरोना के भय से मुक्ति मिलने जा रही है। स्वदेशी वैक्सीन का टीका उन्हें चार दिवारी से मुक्ति दिलाएगा। जेएएच व जिला अस्पताल मुरार में सुबह 8 बजे ही बुजुर्ग टीका लगवाने जा पहुंचे। शनिवार को 11 स्थानों पर 3450 में से 2357 लोगों ने टीका लगवाया। टीकाकरण 68 फीसद हुआ। इसे बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग वार्ड स्तर पर टीकाकरण केंद्र तैयार करेगा।

बैक डोर से प्रवेश दिलाने बंद किया रास्ताः जिला अस्पताल में सीएमएचओ डा.मनीष शर्मा ने रैंप का रास्ता बंद करने का कारण पूछा, तो आरएमओ डा.आलोक पुरोहित ने ऐसा जबाब दिया कि सुनकर सीएमएचओ भी चौंक गए। उन्होंने जबाब सुनने के बाद रैंप का रास्ता खेालने के निर्देश दे दिए। असल में आरएमओ ने कहा था कि टैंट के पीछे से वीआइपी को प्रवेश दिलाने के लिए इस तरह से टैंट लगाया कि रैंप का रास्ता बंद रहे, जिससे किसी की नजर भी न जाए। इसी बीच बिना टोकन के प्रवेश दिलाने पर कुछ बुजुर्गो ने विरोध भी किया। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में तेजी लाने के लिए शनिवार को बीएसएनएल का हाइस्पीड कनेक्शन भी ले लिया गया।

इन स्थानों पर हुआ टीकाकरण-

स्थान टीका टीका लगे

जेएएच 500 539

जिला अस्पताल 500 456

हजीरा अस्पताल 300 290

डबरा अस्पताल 300 134

भितरवार अस्पताल 300 37

मोहना अस्पताल 300 12

बिरला अस्पताल 250 140

अपोलो अस्पताल 250 205

कल्याण अस्पताल 250 152

अग्रवाल अस्पताल 250 212

आरोग्यधाम अस्पताल 250 180

कुल 3450 2357

अब बेटे-बहू के पास जा सकूंगाः कृष्णापुरी में रहने वाले बैंक से सेवानिवृत 79 वर्षीय बाबूलाल खंडेलवाल ने बताया कि उनके बेटे-बहू शिवपुरी में रहते हैं। पिछली साल शिवपुरी से आया था तो लॉकडाउन के चलते यहीं पर फंस गया। कोरोना के भय से वह शिवपुरी अपने बेटे बहू के पास नहीं गए। छोटी बहू उनकी देखरेख के लिए यहां पर आ गई थी। कोरोना के भय से घर में ही रहे, पर वैक्सीन ने फिर से बेटे बहू से मिलने की उम्मीद जगा दी। सरकार ने फ्रंटलाइनर,स्वास्थ्य वर्कर के बाद हम बुजुर्गों की भवनाओं को समझा और पहले वैक्सीन का मौका दिया। पहला डोज ले लिया है अब दूसरा डोज लेने के बाद मैं शिवपुरी जा सकूंगा।

करौली दर्शन करने जा रहा हूंः नर्मदा नगर के 80 वर्षीय अशोक अग्रवाल ने शनिवार को वैक्सीन का पहला डोज लिया है। टीका लगवाने के बाद उनका कहना था कि कोरोना के भय के कारण पिछले एक साल से मैं तीर्थ दर्शन के लिए न जा सका। मगर आज मुझे वैक्सीन लग चुकी है तो मैंने कल ही करौली माता के दर्शन का प्लान बना लिया। सबसे पहले करौली मां के दर्शन करूंगा तब शांति मिलेगी।

छींक भी आती तो लगता कोरोना हो गयाः महिला बाल विकास विभाग में काम करने वाली 60 वर्षीय सुशीला वर्मा का कहना था कि पूरे कोरोना काल में ड्यूटी करनी पड़ी। हर दिन घर से भगवान का नाम लेकर निकलती थी। यदि छींक भी आ जाती तो लगता कोरोना हो गया। आज कोरोना की वैक्सीन का पहला डोज लगवा लिया। दूसरा डोज मिलने के बाद एंटीबॉडी बन जाएगी तो राहत मिलेगी और कोरोना के भय से मुक्ति भी।

वर्जन-

टीकाकरण की प्लानिंग प्रतिदिन के हिसाब से तैयार कर ली गई है। बुजुर्गों में वैक्सीनेशन को लेकर उत्साह है। इसलिए वार्ड स्तर पर टीकाकरण केंद्र बनाने की प्लानिंग की जा रही है। इससे बुजुर्गों काे परेशानी से बचाया जा सकेगा।

डा.मनीष शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: vikash.pandey
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