Hariyali Amavasya 2021 Date: हरियाली अमावस्या 8 अगस्त को सर्वार्थ सिद्धि एवं रविपुष्य योग में मनाई जाएगी

Updated: | Sun, 01 Aug 2021 06:02 PM (IST)

Hariyali Amavasya 2021 Date: विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पं. गौरव उपाध्याय के अनुसार इस बार हरियाली अमावस्या का प्रारंभ 7 अगस्त को शाम 7:11 बजे होगा तथा हरियाली अमावस्या का समापन 8 अगस्त को शाम 7:19 बजे होगा। अतः हरियाली अमावस्या 8 अगस्त को ही मनाई जाएगी। 8 अगस्त को सर्वार्थसिद्धि योग तथा रवि पुष्य योग भी बन रहा है। अमावस्या के दिन पितरों को खुश करने के लिए पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। हरियाली अमावस्या के दिन मुख्यतः पीपल व तुलसी की पूजा की जाती है । पीपल के अग्रभाग में भगवान ब्रह्मा ,मध्य भाग में शिव जी तथा जड़ में विष्णु जी का निवास माना जाता है।

हरियाली अमावस्या के दिन पेड़ लगाने का विधान होता है । भारतीय धर्मों में एक वृक्ष को सौ पुत्रों के समान माना गया है। हरियाली अमावस्या के दिन पितरों की संतुष्टि के लिए पेड़ लगाने का विधान होता है । आंवला और तुलसी में भगवान विष्णु का निवास माना जाता है। बेल, बरगद में भगवान शिव का निवास माना जाता है, कमल में महालक्ष्मी का निवास माना जाता है। जामुन का फल धन दिलाता है ,बरगद का पेड़ ज्ञान पाकड़ का पेड़ सुयोग्य पत्नी, बबूल- पापों का नाश करता है। अशोक को शोक मिटाने वाला वृक्ष माना जाता है। तेंदू का वृक्ष कुल में वृद्धि करता है।

ग्रहों को खुश करने के लिए लगाएं पेड़- पौधे और करें उनकी पूजाः सूर्य-आक,चंद्र, पलाश, मंगल -ख़ादिर बुध -दूव, बृहस्पति -केला,शुक्र -गूलर शनि- शमी का पौधा लगाए।

Posted By: vikash.pandey