ग्वालियर में जेएएच की ओपीडी से जूडा का वॉकआउट, मरीज हुए परेशान, जानें क्याें

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 12:53 PM (IST)

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हाेने के विराेध में जूनियर डाक्टराें ने आज जेएएच में ओपीडी से वॉकआउट किया। ऐसे में ओपीडी की पूरी कमान वरिष्ठ चिकित्सकाें काे संभालना पड़ी। इस दाैरान माैसमी बीमारियाें के मरीज वैसे ही ओपीडी में अधिक पहुंच रहे हैं, इसलिए जूडा के वॉकआउट के कारण मरीजाें काे खासी परेशानियाें का सामना करना पड़ा।

दरअसल 8 माह से नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हुई है, जिसकाे लेकर देश भर में जूनियर डाक्टर लगातार विराेध प्रदर्शन कर रहे हैं। फाेडा एवं आरडीए के बैनर तले जूनियर डाक्टर लगातार इसके खिलाफ आंदाेलन कर रहे हैं। इसी क्रम में आज जूनियर डाक्टराें ने ओपीडी से वॉकआउट किया है। आमताैर पर जूनियर डाक्टर ही जेएएच में अधिकांश व्यवस्थाएं संभालते हैं। ऐसे में ओपीडी में जूनियर डाक्टराें की गैरमाैजूद हाेने से वरिष्ठ चिकित्सकाें काे माेर्चा संभालना पड़ा। इन दिनाें माैसमी बीमारी, डेंगू एवं मलेरिया के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं, ओपीडी भी 2500 तक पहुंच रही है। जेएएच में वरिष्ठ चिकित्सक एवं कंसल्टेंट की संख्या कम है, जबकि जूडा अधिक संख्या में हैं। ऐसे में मरीज अधिक हाेने एवं जूडा के गैरमाैजूद हाेने से मरीजाें के साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकाें काे भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। जूडा अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा ने बताया कि नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हुई है, जबकि पचास हजार डाक्टर प्रदेश में बेराेजगार बैठे हुए हैं। वहीं पीजी डाक्टराें पर भी काम का बाेझ बढ़ता जा रहा है। इस आंदाेलन काे ग्वालियर के जूनियर डाक्टर एसाेसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है।

Posted By: vikash.pandey