Karvachauth 2021: सजा करवा चाैथ का बाजार, चूड़ी, कंगन, साड़ी की दुकानाें पर महिलाओं की कतार

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 08:31 AM (IST)

-पूजन समाग्री के साथ ही परिधान व गहनों का व्यापार चमका, ब्यूटी पार्लर हुए फुल

Karvachauth 2021: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। पति-पत्नी के प्रेम व समर्पण का प्रतीक करवाचौथ रविवार को मनाया जाएगा। शनिवार समाप्त होने के साथ ही महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना के साथ निर्जला व्रत का संकल्प लेंगी। रविवार को श्रद्धाभाव के साथ करवाचौथ का व्रत महिलाओं द्वारा रखा जाएगा, जिसका पारण रात चांद निकलने के बाद ही होगा। करवाचौथ की तैयारियां तेजी से की जा रही है। जिसके कारण महाराज बाड़ा समेत हजीरा व मुरार के तमाम बाजारों में शुक्रवार को अत्याधिक भीड़ देखने को मिली। हर महिला करवाचौथ के लिए शक्कर का करवा, मिट्टी का करवा, छलनी, करवा चौथ का कैलेंडर सीक, पूजा की सजावटी थाली समेत अन्य पूजन सामग्री आदि खरीद लेना चाहती थी। वहीं साड़ियो के साथ ही अन्य परिधान व सराफा कारोबार करवाचौथ के कारण चमक उठा है। सुबह से देर रात तक सराफा कारोबारियों व साड़ी विक्रेताओं के यहां भीड़ लग रही है। शनिवार को और भी अधिक भीड़ बाजारों में रहने की आशंका है। क्योंकि रविवार को महिलाएं व्रत रख लेंगी, ऐसे में वे कम ही घर से बाहर निकलेंगी। महंदी लगाने वालों द्वारा बाजारों में सुबह से देर रात तक महिलाओं के हाथों में महंदी लगाई जा रही है। ब्यूटी पार्लरों पर भी महिलाओं की भीड़ लग रही है। ले शनिवार के लिए अभी से वक्त ले रही हैं, जिसस वे समय रहते सज-संवर सकें।

8:11 बजे होगा चंद्रोदय, यूं सजाएं पूजा की थाली, ऐसे करें पूजन

- ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी ने बताया कि रविवार को करवाचौथ का व्रत महिलाओं द्वारा रखा जाएगा। जिसका पारण वे रात 8:11 बजे कर सकेंगी। क्योंकि चंद्रोदय रात 8:11 बजे हो जाएगा। हालांकि पहाड़ी इलाकों में चंद्र दर्शन 10 मिनट बाद अर्थात 8:21 बजे होंगे। चूंकि मौसम साफ अनुमान है, ऐसे में किसी भी प्रकार का व्यवधान होने की उम्मीद बहुत कम है।

- करवाचौथ पूजन की प्रक्रिया शाम होते ही शुरू हो जाएगी। थाली में दीपक, सिंदूर, अक्षत, कुमकुम, रोली तथा चावल की बनी मिठाई या सफेद मिठाई रखें। संपूर्ण श्रृंगार करें और करवे में जल भर लें। मां गौरी और गणेश की पूजा करें। चंद्रमा के निकलने पर छलनी से या जल में चंद्रमा को देखें। अर्घ्य दें, करवा चौथ व्रत की कथा सुनें। उसके बाद अपने पति की लंबी आयु की कामना करें। अपनी सास या किसी वयोवृद्घ महिला को श्रृंगार का सामान दें व उनसे आशीर्वाद लें।

- ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा के मुताबिक चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 24 अक्टूबर को सुबह 3:01 बजे एवं समापन 25 अक्टूबर को सुबह 5:43 बजे होगा। चतुर्थी तिथि में चन्द्रोदयव्यापिनी मुहूर्त प्राप्त होने के कारण 24 अक्टूबर को ही करवाचौथ का व्रत रखा जाएगा। पूजा का मुहूर्त 1 घंटा 17 मिनट का है। करवा चौथ के दिन शाम को 5:43 बजे से शाम 6:59 बजे के मध्य चौथ माता यानी माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय का विधिपूर्वक पूजन होगा।

Posted By: anil.tomar