Karvachauth 2021: छह साल में 22 हजार रुपये महंगा हुआ सोने का उपहार, चांदी पर बढ़े 30 हजार

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 07:15 AM (IST)

-सौंदर्य ही नहीं, निवेशकों का भी सोना-चांदी आदि के अभूषणों पर अटूट विश्वास

Karvachauth 2021: विजय सिंह राठौर. ग्वालियर। करवाचौथ करीब है। महिलाओं ने अपने पति से उपहारों की डिमांड शुरू कर दी है। महिलाओं का गहनों से कितना लगाव होता है यह हर कोई जानता है। मगर बढ़ती महंगाई ने पतियों की मुश्किल बढ़ा दी है। बीते छह साल में सोना 22 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक महंगा हो गया है। ऐसे में अपनी पत्नी के लिए सोने के कंगन, हार, मंगलसूत्र आदि की खरीदी करना पति के लिए काफी महंगा हो गया है। चांदी की पायल, बिछुआ आदि को करवाचौथ पर बदलकर नए पहनती हैं। चांदी से बनने वाले यह आभूषण भी दोगुनी कीमत के हो गए हैं। हालांकि बावजूद इसके बाजारों में सोना-चांदी के जेवरों की खासी मांग है। सकारात्मक पहलू यह है कि लोग सोना-चांदी की खरीदी सुरक्षित निवेश के तौर पर भी कर रहे हैं, क्योंकि जिन लोगों ने अपनी पत्नी को 2015 में 26850 रुपये के हिसाब से 10 ग्राम का सोने का हार दिया था, उसकी कीमत अब करीब 49 हजार रुपये हो गई है। लोगों के निवेश की वैल्यू लगभग दोगुनी हो गई है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि कोरोना काल में भी लोगों ने सोने में बढ़-चढ़कर निवेश किया। सोने के जेवर यदि किसी के पास होते हैं तो विपरीत परिस्थितियों में इनका उपयोग किया जा सकता है।

करवाचौथ की तारीख में बीते छह साल के दाम

दिनांक------------------सोना--------चांदी

अब के दाम------------49400------66800

04 नवंबर 2020--------53000-----63000

17 अक्टूबर 2019-------38700-----46000

27 अक्टूबर 2018-------32650-----39600

08 अक्टूबर 2017-------30450-----39400

19 अक्टूबर 2016-------30500-----42200

30 अक्टूबर 2015-------26850-----36500

(सोना प्रति 10 ग्राम एवं चांदी प्रति किलोग्राम की दर से। आंकड़े सराफा कारोबारी गौरव गोयल के मुताबिक। 24 अक्टूबर को करवा चौथ तक सोना 50 हजार से अधिक महंगे होने की आशंका)

रोहणी नक्षत्र में 24 को मनेगा करवाचौथ

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा के मुताबिक हिंदू पंचांग के अनुसार करवाचौथ व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 24 अक्टूबर रोहिणी नक्षत्र में रखा जाएगा। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 24 अक्टूबर को सुबह 3:01 बजे होगा और समापन 25 अक्टूबर को सुबह 5:43 बजे होगा। चतुर्थी तिथि में चन्द्रोदयव्यापिनी मुहूर्त प्राप्त होने के कारण 24 अक्टूबर को ही करवाचौथ का व्रत रखा जाएगा। पूजा का मुहूर्त एक घंटा 17 मिनट का है। करवाचौथ के दिन शाम को 5:43 बजे से शाम 6:59 बजे के मध्य चौथ माता यानी माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय का पूजन होगा। इसके बाद चंद्रमा के उदय होने पर उनकी पूजा होगी और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा।

बाजारों में तेज हुई तैयारी, जमकर हो रही खरीदारी

चूंकि करवाचौथ आने में अब महज दो ही दिन शेष हैं, ऐसे में बाजारों में महिलाएं खूब खरीदारी कर रही हैं। ब्यूटी पार्लर पर सजने-संवरने के साथ ही मेहंदी के लिए प्री-बुकिंग शुरू हो चुकी है। महाराज बाड़ा स्थित सभी बाजारों में ठेले व फुटपाथ पर करवाचौथ पूजन में प्रयुक्त होने वाला सामान बिक रहा है। मुरार व हजीरा मार्केट में भी काफी भीड़ देखी जा रही है। बाजार में शकर का करवा 20, 30, 50 रुपये, मिट्टी का करवा 10, 20, 30 रुपये में मिल रहा है। छलनी 50, 70, 100 रुपये, करवाचौथ का कैलेंडर 5, 10, 20 रुपये, सीक 5-10 रुपये में उपलब्ध कराई जारी जा रही है। पूजा की सजावटी थाली 70, 100, 150, 200 रुपये की मिल रही है। वहीं वहीं सराफा, कपड़ा व अन्य श्रंगार सामग्री की बिक्री में भी काफी तेजी है।

किफायती दामों पर लेटेस्ट कलेक्शन उपलब्ध

टेंपल कुंदन ज्वेलरी हमारा खास कलेक्शन है, जो संभवत: शहर में किसी के पास नहीं होगा। सोना व हीरा के गहनों की संपूर्ण श्रृंखला हमारे पास है। टर्किश ज्वैलरी, स्टोन ज्वैलरी आदि के आधुनिक डिजायन उपलब्ध हैं। शोरूम को शुरू हुए अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ है, लेकिन खरीदारों का अच्छा रिस्पोंस देखने को मिल रहा है। हमारे किफायती दामों पर लेटेस्ट कलेक्शन उपलब्ध है, जिसकी करवाचौथ को देखते हुए जमकर खरीदी हो रही है।

ऋषभ गर्ग, रिवाज ज्वैलर्स, पटेल नगर (सिटी सेंटर)

लाइट वेट ज्वेलरी का लेटेस्ट कलेक्शन

हमारे यहां लाइट वेट ज्वेलरी का लेटेस्ट कलेक्शन उपलब्ध है। इटेलियन ज्वैेलरी समेत वह सभी ऐंटिक ज्वेलरी भी हैं, जो विदेशों में भी काफी पसंद की जाती हैं। कम बजट से लेकर लग्जरी ज्वेलरी की सर्वश्रेष्ठ श्रंृखला लोग देख सकते हैं। हमारे यहां ग्राहकों को बिल्कुल भी भ्रमित नहीं किया जाता है। न्यूनतम मेकिंग चार्च लेते हैं, साथ ही हर जेवर की स्पष्ट कीमत बताते हैं। ग्राहकों के लिए निशुल्क सुविधा है, जिसके तहत वे खुद मशीन के माध्यम से अपने नए-पुराने गहनों की जांच कर सकते हैं। जीरो प्रतिशत कटौती पर एक्सचेंज सुविधा उपलब्ध है। चूंकि सोने की कीमत बढ़ती ही है, इसलिए लोगों को ज्वैलरी खरीदने में झिझक नहीं होती।

यश महेश्वरी, मनीष ज्वेलर्स, घोड़ा चौक (जयंद्रगंज)

-कोरोना के ऊबरने के बाद अब बाजार में सकारात्मकता देखी जा रही है। 2015 से अब तक सोना करीब 22 हजार व चांदी 30 हजार रुपये महंगी हुई है। बावजूद इसके खरीदार जमकर खरीदारी कर रहे हैं। क्योंकि लोग सोने के जेवर अगर अपनी पत्नी को उपहार में देते हैं तो उसकी कीमत आगामी समय में घटती नहीं बढ़ जाती है। कभी अगर बुरा वक्त आया या रुपयों की अत्याधिक अवश्यकता हुई तो गहनों को कैश करने में मुश्किल नहीं होती। सोने का हार, कंगन, मंगल-सूत्र, झुमके, नथ आदि सभी की डिमांड है। चांदी के बिछुए तो सुहागन अनिवार्य रूप से खरीदती ही हैं।

गौरव गोयल, बालाजी एंपोरियम, टोपी बाजार (महाराज बाड़ा)

Posted By: anil.tomar