साल की आखिरी मासिक दुर्गाष्टमी शनिवार को, जानें पूजा विधि

Updated: | Thu, 09 Dec 2021 10:30 AM (IST)

मनीष शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। इस साल की आखिरी मासिक दुर्गाष्टमी 11 दिसंबर, शनिवार के दिन मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि हर माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। ये मां दुर्गा को समर्पित तिथि है। इस दिन मां दुर्गा की उपासना व विधिपूर्वक व्रत करने से दुर्गा मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों के सभी दुख दूर कर भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति करती है।

दुर्गाष्टमी मुहूर्तः अष्टमी तिथि 10 दिसंबर शुक्रवार को शाम 07:09 से शुरू होगी, जो 11 दिसंबर शनिवार को शाम 07:12 पर समाप्त होगी।

दुर्गाष्टमी पर उपयाेग हाेने वाली पूजा सामग्रीः गंगाजल, रोली, दीपक, घी, लौंग, कपूर,इलायची, सूखी धूप, कलावा, नारियल, अक्षत, पान, सुपारी, फूल, फल, मिष्ठान, लाल चुनरी, श्रृंगार का सामान पूजा में उपयाेग किया जाता है।

दुर्गाष्टमी पूजा-विधिः दुर्गाष्टमी पर मां की आराधना में सबसे पहले जिस स्थान पर पूजा करनी है, वहां पर गंगाजल छिड़ककर उस स्थान की शुद्धि कर ले। इसके बाद इस स्थान पर लकड़ी की चौकी रखकर उसमें लाल आसन बिछाएं। फिर उस पर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद माता को लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान चढ़ाएं। साथ ही दुर्गा मां के समक्ष धूप दीप प्रज्वलित कर रोली, अक्षत से तिलक करें और कलावा, लाल पुष्प, लौंग, कपूर, पान, सुपारी और इलायची दुर्गा के समक्ष चौकी पर रख विधि पूर्वक पूजन कर फल व मिष्ठान अर्पित करें। पूजन के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करें। पूजन पूर्ण होने के पर मां दुर्गा की आरती करें।

Posted By: vikash.pandey