न ग्वालियर व्यापार मेला न आरटीओ छूट की चाह, कारों की कमी के कारण आटोमोबाइल कारोबारी नीरस

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 11:31 AM (IST)

विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। दिसंबर का पहला सप्ताह खत्म होने वाला है, ऐसे में ग्वालियर व्यापार मेला आयोजन को लेकर तमाम व्यापारी सक्रिय हो गए हैं। यूं तो ग्वालियर व्यापार मेले के आयोजन पर ओमिक्रोन (कोरोना) की तलवार लटकती हुई दिखाई दे रही है, मगर फिर भी एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा का दावा है कि 25 दिसंबर तक ग्वालियर व्यापार मेले को लगा देंगे। आयोजन की रूपरेखा वे ग्वालियर आगमन के बाद 7 दिसंबर को होने वाली मेला प्राधिकरण की बैठक में बनाएंगे। वहीं मेला आयोजन को लेकर शहर के आटोमोबाइल कारोबारी अत्याधिक नीरस दिखाई दे रहे हैं।

आटाेमाेबाइल काराेबारियाें का कहना है कि मेला लगे य न लगे, वे शायद ही मेले में अपने शोरूम लगाएंगे। क्योंकि पहले से गाड़ियों की बुकिंग पर डिलेवरी देने में 2 से 8 महीने तक की वेटिंग है। उस पर अगर मेला लगता भी है, तो वे इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे और न ही जनता को इसका लाभ मिलेगा। क्योंकि कंपनियों द्वारा कारों की काफी कम मेन्यूफेक्चरिंग हो रही है, ऐसे में वे मेला अवधि में कारों की डिलेवरी देने की स्थिति में नहीं होंगे। गौरतलब है कि ग्वालियर व्यापार मेले में 50 फीसद छूट आरटीओ द्वारा दी जाती है। जिससे काफी अधिक बचत कार के खरीदारों को होती है। यही कारण है कि साल 2019-20 में 800 करोड़ की कारोड़ की कारें बिक गई थीं, करीब 1100 करोड़ का कारोबार ग्वालियर व्यापार मेले में हुआ था। वहीं 2020-21 में भी 550 करोड़ की कारों की बिक्री हुई थी, इस साल मेले का व्यापार करीब 850 करोड़ हो सका था। वह भी इसलिए क्योंकि मेला कोरोना के कारण अपनी तय अवधि से 15 दिन पहले निरस्त कर दिया गया था।

Posted By: vikash.pandey