ग्‍वालियर में जेएएच के चार में से एक आक्सीजन प्लांट फेल, हजार अस्पताल में बेड व ओटी अधूरे

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 01:47 PM (IST)

- कोरोना की तीसरी लहर से बचने के झूठे निकले दावे, स्थितियां लचर

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना का नया स्ट्रेन और तीसरी लहर की आशंका के चलते हाइअलर्ट का मोड है। ऐसे में बचने के इंतजाम की हकीकत बुधवार को खुद अफसरों के सामने आ गई। आक्सीजन प्लांट ड्रायरन में ही फेल हो गए। जेएएच में ट्रायल के दौरान चार प्लांट में से एक प्लांट फेल सामने आया। उधर हजीरा अस्पताल में खुद सीएमएचओ डा मनीष शर्मा के सामने जब आक्सीजन प्लांट में आक्सीजन की शुद्घता जांची गई तो निर्धारित फीसद से कम पाई गई। हजार बिस्तर अस्पताल के सी ब्लाक का निरीक्षण किया गया तो वहां पर आइसीयू और आपरेशन थिएटर का कार्य अधूरा पता चला, इसलिए हाल फिलहाल मरीज रखना मुश्किल भरा है। हस्तिनापुर में प्लांट तो है पर आक्सीजन लाइन ही नहीं बिछी है। अब कोरोना से बचने के इंतजामों का ऐसा हाल होगा तो ग्वालियर कैसे तीसरी लहर से लड़ सकेगा। यह जिला सरकार के सामने बड़ा सवाल है।

जेएएच: तीन चालू एक प्लांट बंद मिला

प्रशासन के निर्देश पर बुधवार को जयारोग्य में लगे सभी चार ऑक्सीजन प्लांट का ड्रायरन किया गया। जिसमें तीन प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक पाई गई। एक प्लांट खराब स्थिति में मिला। जिसको लेकर सनफार्मा को नया प्लांट लगाने के निर्देश भी दिए गए। ट्रॉमा सेंटर के बाहर, न्यूरोलॉजी के सामने,सुपर स्पेशियलिटी और हजार बिस्तर में लगा ऑक्सीजन प्लांट का ड्रायरन कराया गया। तीनों ही प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक पाई गई। लेकिन कार्डियोलॉजी के बाहर लगा सनफार्मा का ऑक्सीजन प्लांट खराब स्थिति में पाया गया। इस दौरान जेएएच अधीक्षक आरकेएस धाकड़, सहायक अधीक्षक डा देवेंद्र कुशवाह और सहायक प्रबंधक डा बालेन शर्मा मौजूद रहे। जबकि हजार बिस्तर अस्पताल में ड्रायरन के दौरान पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल और सीएमएचओ डा मनीष शर्मा मौजूद रहे।

टीबी अस्पताल में कोरोना मरीज के लिए लगाए बेड

जेएएच के टीबी अस्पताल में तीसरी लहर की आशंकाओं के चलते 85 बेड तैयार किए गए हैं। इनमें 5 बेड पर वेंटिलेटर भी लगा दिए गए और दवाओं की उपलब्धता के लिए जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ ने बुधवार को निर्देश भी जारी कर दिए। डा धाकड़ का कहना था कि यदि कोरोना के अचानक से मरीज आए भी तो उसके लिए बेड तैयार है। वेंटिलेटर की उपलब्धता है आवश्यकता अनुसार बेड पर बढ़ा दिए जाएंगे। सुपर स्पेशियलिटी में भी अभी बीस मरीज भर्ती है यदि आगे चलकर आवश्यकता आई तो सुपर स्पेशियलिटी भवन का उपयोग भी कोरोना के लिए किया जा सकता है।

हस्तिनापुर में प्लांट चालू पर ऑक्सीजन लाइन नहीं

हिस्तिनापुर उप स्वास्थ्य केंद्र पर लगा ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में बताया गया है। लेकिन सीएमएचओ डा मनीष शर्मा का कहना है कि प्लांट से अस्पताल के बीच में ऑक्सीजन लाइन का काम अधूरा है। जबतक यह पूर्ण नहीं हो जाता तबतक प्लांट का लाभ मरीजों को नहीं मिल सकेगा। इधर मोहना में लगा प्लांट भी चालू है और बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई भी ठीक से हो रही है।

एसडीएम के सामने पूरी नहीं मिली शुद्व

जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट का ड्रायरन एसडीएम चौहान के समक्ष हुआ। प्लांट चालू हालत में मिला और ऑक्सीजन की शुद्दता भी 93 फीसद से अधिक पाई गई। इसके बाद एसडीएम ने ऑक्सीजन बेड की स्थिति का भी जायजा लिया। एसडीएम ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि टीकाकरण की रफ्तार बढ़ानी है। अभी जो केंद्र अस्पताल में बना है वह काफी अंदर है जिसे गेट पर होना चाहिए । जिससे अस्पताल में भीड़ भी न हो और बाहर से आना वाले व्यक्ति को टीका लगवाने के लिए केंद्र तलाशना न पड़े।

हजीरा अस्पताल पहुंचे सीएमएचओ

हजीरा अस्पताल में कोरोना बेड व ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण के लिए सीएमएचओ डा मनीष शर्मा व पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल पहुंचे। वहां पर प्लांट का ड्रायरन किया गया तो प्लांट चालू तो हुआ पर ऑक्सीजन की शुद्दता कितनी है यह नहीं बता सका। ऑक्सीजन की शुद्दता बताने वाली मशीन खराब हो गई। जिसे बदलवाने के निर्देश भी जारी किए गए। इसके साथ ही ऑक्सीजन बेड की स्थिति भी देखी । अस्पताल प्रभारी डा प्रशांत नायक का कहना हैकि अभी ऑक्सीजन के 30 बेड मौजूद हैं।

Posted By: anil.tomar