आनलाइन दवा बिक्री अवैध, इस पर सरकार कठोरता से लगाए रोक

Updated: | Mon, 06 Dec 2021 04:21 PM (IST)

ग्वालियर। आनलाइन दवा बिक्री पूरी तरह से अवैध है। सरकार इस पर कठोरता से रोक लगाए। क्योंकि इसका दुष्प्रभाव समाज को तो झेलना ही पड़ेगा, साथ ही दवा व्यापार भी चौपट हो जाएगा। क्योंकि आनलाइन अब नशा व जहर तक उपलब्ध कराया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। क्योंकि खेरिज दुकान से दवा खरीदने के लिए डाक्टर का पर्चा दिखाना होता है, लेकिन आनलाइन आर्डर करने पर खरीदार को कुछ नहीं बताना होता। ऐसे में दवा मार्केट को तो झटका लगने वाला ही है। साथ ही यह समाज के लिए भी हानिकारक है।

यह बात केमिस्ट एसोसिएशन की बैठक में दवा व्यापारियों ने कही और शासन से आनलाइन दवा की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। दवा व्यापारियों का तर्क था कि खेरिज दुकानदार पर शासन बिना पर्चे के दवा बिक्री पर पावंदी लगाती है। वहीं आनलाइन बिक्री पर कोई नियंत्रण नहीं है। कुछ पूंजीपति दवा के क्षेत्र में उतर चुके हैं। उन्होंने शुरुआत में डीलरशिप दी और खेरिज दुकानें भी खुलवाईं, लेकिन वह बाजार में अपनी पैठ नहीं बना सके। तब वह आनलाइन मार्केट में उतर गए। जिससे दवा का खुदरा व्यापार प्रभावित हो रहा है। बैठक में जिला ग्वालियर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश अरोरा, सचिव महेन्द्र गुप्ता, प्रमोद अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुनील सोमानी, महेन्द्र सिकरवार, पवन गुप्ता आदि ने अपने विचार व्यक्त किए और आनलाइन दवा विक्री का विरोध दर्ज कराया।

आनलाइन दवा बिक्री पूरी तरह से अवैध है। आनलाइन वे दवाएं भी बेची जा रही हैं जिन्हें भारत सरकार प्रतिबंधित कर चुकी है। इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।

-राजीव सिंघल, सचिव आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन

Posted By: anil.tomar