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Gwalior News: अमृत के लिए अभी करना होगा लोगों को इंतजार, लेट लतीफी से तैयार नहीं हुई पानी की टंकिया व ट्रीटमेंट प्‍लांट

Updated: | Fri, 27 Nov 2020 03:10 PM (IST)

43 में से 35 टंकियों की हो चुकी है जांच, 450 किमी लाइन बिछाना अब भी है बाकी

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में अमृत योजना से पानी की सप्लाई करने के लिए बनाई गई योजना लेतलतीफी की भेंट चढ़ रही है। यह योजना 2019 में पूर्ण होनी थी, लेकिन अभी इसका 70 फीसद काम ही हो पाया है। हालांकि पानी की टंकियों का निर्माण काफी हद तक हो चुका है। इन टंकियों से पानी की लाइनें अब भी सभी गली-मोहल्लों व कालोनियों तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस कारण लोगांे को अभी भी तिघरा से आने वाला अमृत (पेयजल) लोगांे की पहुंच से दूर बना हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में अमृत योजना भी शामिल है। इसमें प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन एवं 12 मीटर तक बिना मोटर के पानी पहुंचाने की योजना है, लेकिन यह लेटलतीफी का शिकार हो चुकी है। अमृत योजना वर्ष 2017 में प्रारंभ की गई थी, जिसे दो साल में पूर्ण हो जाना था। योजना पूरी न होने के कारण अभी भी कई घरों में बोरिंग एवं पुरानी टूटी-फूटी लाइनों के कारण गंदा पानी पहुंच हा है।

यह थी पूरी योजना: अमृत योजना के तहत शहर में 777 किलोमीटर लंबी पानी की लाइनें बिछाई जानी हैं। साथ ही 43 टंकियों का निर्माण भी किया जाना था। बाद में कई जगह पुरानी लाइनों को बदलने का कार्य भी इसी योजना में शामिल कर लिया गया, जिससे लाइनों की लंबाई बढ़कर 1100 किलोमीटर हो गई। साथ ही प्रत्येक घर में पानी का मीटर लगाया जाना है। इस योजना के अनुसार लोगों के घरों में इतने प्रेशर से पानी आना चाहिए कि 12 मीटर ऊंचाई तक पानी बिना मोटर की मदद से चढ़ जाए।

दो टंकियां फंस गईं विवादों में

43 टंकियों में से हुजरात कोतवाली में बनने वाली पानी की टंकी के लिए वहां जमीन नहीं मिल सकी। इसके कारण पर पानी की टंकी का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। वहीं लक्ष्मण तलैया स्थित रविदास नगर में पानी की टंकी का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया था, लेकिन जमीन विवाद के चलते मामला न्यायालय मंे पहुंच गया। इसके बाद पानी की टंकी का निर्माण कार्य बंद हो गया है।

इन क्षेत्रों में बनकर तैयार हैं टंकियां

शहर में 31 नई टंकियों का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इनमें ग्वालियर में पीएचई कालोनी, द्वारिकापुरी, 12 बीघा, 24 बीघा, तानसेन नगर, शताब्दीपुरम, महाराजपुरा, कुंजविहार, अमलतास, दर्पण कालोनी, तुलसी विहार, डाइट कालेज, गड्ढे वाला मोहल्ला, मानसिंह कालेज, समाधिया कालोनी, टकसाल विद्यालय आदि क्षेत्रों में टंकियों का कार्य पूर्ण हो चुका है, इनकी टेस्टिंग भी हो चुकी है।

डब्ल्यूटीपी प्लांट हुआ एक साल लेट

जलालपुर स्थित 160 एमएलडी डब्ल्यूटीपी (वाटर ट्रीटमंेट प्लांट) का अभी तक 70 प्रतिशत निर्माण ही पूर्ण हो सका है, जबकि इसे दिसंबर 2019 में पूर्ण होना था। अधिकारी अब मार्च 2021 तक इसका निर्माण पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं।

वर्जन

अमृत योजना में पानी की लाइनों की लंबाई बढ़ गई है। वहीं कोरोना महामारी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। जल्द ही कार्य पूर्ण हो जाएगा, जिसके बाद शहर में हर घर तक पानी की सप्लाई की जा सकेगी। वहीं आनंद नगर, विनय नगर आदि क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रारंभ की जा चुकी है।

जागेश श्रीवास्तव

सब इंजीनियर पीएचई नगर निगम

Posted By: anil.tomar
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