PitrPitru Paksha 2021: पितृपक्ष में भी खरीदारी व शुभ कार्य के 7 मुहूर्त, बाजारों में रौनक बरकरार

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 06:44 AM (IST)

- बच्चों की खुशी व कामयाबी देख देख खुश होते हैं पितृ, शुभकारी होती है खरीदारी

PitrPitru Paksha 2021ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पितृपक्ष में कोई शुभ कार्य या खरीदारी नहीं करना चाहिए, इस मान्यता को ज्योतिषाचार्यों ने भ्रम बताया है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक पितृपक्ष में कोई शुभ कार्य या खरीदारी न करने की जो परंपरा निभाई जाती है, उसका उल्लेख किसी भी शास्त्र में नहीं किया गया है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि पितृ पक्ष में पितरों के लिए दान, श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। पितृ अपने बच्चों की खुशी देखकर खुश होते हैं। जब पितृ धरती पर आते हैं तो वे अपने बच्चों की कामयाबी और उन्हें खुश होता देखकर संतुष्ट हो जाते हैं। इसलिए इन दिनों में की गई खरीदारी एक तरह से पितरों की निगरानी में होती है, जिसके लिए पितृों द्वारा आशीर्वाद भी दिया जाता है। इसलिए लोगों को पितृपक्ष को लेकर फैली भ्रांति को मन से निकाल देना चाहिए। यूं भी हिंदू मान्यता के अनुसार हर शुभ कार्य से पहले प्रथम पूज्य गणपति जी पूजा की जाती है। इसलिए पितृपक्ष के पहले गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल पितृ पक्ष में कई शुभ संयोग बन रहे हैं। जिन दिनों में खरीदारी व शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस साल पितृ पक्ष में सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग के साथ अमृत योग जैसे खास संयोग बन रहे हैं।

-किस दिन कौन-सा शुभ संयोग बनेगा

- ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा के मुताबिक पितृ पक्ष में 24, 27, 30 सितंबर व 6 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो कि खरीदारी के लिए शुभ है। पितृ पक्ष की 27 सितंबर को अमृत सिद्धि योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमृत सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है। यह मांगलिक कार्यों के लिए बेहद शुभ संयोग है। इस योग में किसी भी नए कार्य को प्रारंभ करना शुभ होता है। 26, 27 व 28 सितंबर को रवि योग बन रहा है। रवि योग को बेहद प्रभावशाली माना जाता है। इस योग को शुभ फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इस योग में सभी दोषों का नाश हो जाता है। पितृ पक्ष में रवि योग का पड़ना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। 24 सितंबर, शुक्रवार को संकष्टी गणेश चतुर्थी होने के कारण प्रथम पूज्य गणेश की पूजा, शुभ कार्य व खरीददारी की जा सकती है। 4 अक्टूबर को प्रदोष व्रत व शिव चतुर्दशी के दिन व्रत किया जाता है।

- ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार श्राद्ध पक्ष में 7 दिन शुभ मुहूर्त के रहेंगे। 1 अक्टूबर को चंद्रमा अपनी राशि में होने से बृहस्पति के साथ दृष्टिगत संबंध बनाएगा, जिससे गजकेसरी नामक राजयोग दिन भर रहेगा। साथ ही इस दिन शिव और सिद्धि योग होने से यह दिन और शुभ हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण और विशेष बात यह रहेगी कि इस दिन पुष्य नक्षत्र भी पूरे दिन रहेगा। इस दिन शुक्रवार होने से फर्नीचर, कपड़े, ज्वैलरी, सजावटी सामान और हर तरह की भौतिक सुख-सुविधाओं की खरीदारी करना शुभ तथा श्रेष्ठ रहेगी।

पितृ पक्ष में निषेध कार्य

भूलकर भी पितृपक्ष में लोहे के बर्तनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस दौरान इत्र का प्रयोग करना भी शास्त्रों में वर्जित माना गया है। ऐसा करने से पितर नाराज होते हैं। पितृपक्ष के समय भूलकर भी किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए। पितृ किसी भी रूप में आपके दरवाजे पर आ सकते है और आपके व्यवहार से उनको ठेस पहुंच सकती है। पितृपक्ष के समय हमेशा सात्विक भोजन करना उत्तम माना गया है। इन दिनों मदिरा व शराब का उपयोग न करें।

Posted By: anil.tomar