कोरोना में छीना आपातकालीन सीटों का कोटा, ट्रेनें बहाल होने पर नहीं लौटाया

उत्तर मध्य रेलवे के अफसरों ने ग्वालियर से गुजरने वाली राजधानी, ग्वालियर-अहमदाबाद सहित एक दर्जन ट्रेनों में सीटों का आपातकालीन कोटा कोरोना के बहाने छीनलिया।

Updated: | Tue, 17 May 2022 01:15 PM (IST)

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उत्तर मध्य रेलवे के अफसरों ने ग्वालियर से गुजरने वाली राजधानी, ग्वालियर-अहमदाबाद सहित एक दर्जन ट्रेनों में सीटों का आपातकालीन कोटा कोरोना के बहाने से छीन लिया। इन ट्रेनों के स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी कोच में उपलब्ध कोटे की सीटों को रेलवे ने कम कर आगरा व झांसी मंडल में ट्रांसफर कर दिया था। अब कोरोना संक्रमण कम होने पर ट्रेनें पूरी तरह से बहाल हो चुकी हैं। इसके बावजूद कोटे की ये सीटें ग्वालियर को वापस नहीं की जा रही हैं। इसका नतीजा यह है कि गर्मी के मौसम में छुट्टियों में घूमने के लिए जाने वाले यात्रियों को सीटें उपलब्ध ही नहीं हो पा रही हैं।

रैलवे द्वारा ट्रेनों में महिला, निचली बर्थ, वरिष्ठजन, दिव्यांग, तत्काल, प्रीमियम तत्काल, कैंसर रोगियों के लिए कोटा निर्धारित किया जाता है। इसके अलावा आपातकालीन कोटे का प्रविधान भी है, जिसके तहत यात्री अचानक आवश्यकता पड़ने पर एक आवेदन देकर इस कोटे में सीट कंफर्म करा सकते हैं। यह कोटा स्टेशन स्तर पर उपलब्ध कराया जाता है। ग्वालियर से बनकर चलने और गुजरने वाली एक दर्जन ट्रेनों में कोरोना से पहले प्रत्येक श्रेणी में छह से आठ सीटों का कोटा था, लेकिन कोरोना के दौरान इस कोटे को कम कर दिया गया था। अब कोरोना संक्रमण की स्थिति काबू में है। इसके बावजूद ट्रेनों में पुराने कोटे को बहाल नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में ग्वालियर से बनकर चलने वाली रतलाम इंटरसिटी, बरौनी मेल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस, ग्वालियर - अहमदाबाद एक्सप्रेस, ग्वालियर - बलरामपुर सुशासन एक्सप्रेस सहित जीटी एक्सप्रेस, कर्नाटका एक्सप्रेस, तेलंगाना एक्सप्रेस में आपातकालीन कोटे के तहत सीटें मुहैया कराई जाती हैं। रेलवे ने मुंबई राजधानी के थर्ड एसी कोच में दो सीटों का कोटा दिया था, जिसे कोरोना के बाद बंद कर दिया गया है। इसके अलावा उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी में सेकंड एसी में दो, थर्ड एसी में दो और स्लीपर की चार सीटों का कोटा खत्म कर दिया गया है। इसी प्रकार झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस में सेकंड एसी की चार, थर्ड एसी की चार और स्लीपर की छह सीटों का कोटा झांसी में दे दिया गया है।़सिांसद ने मांगी 160 सीटें: लोकसभा सांसद विवेक नारायण शेजवलकर की ओर से वर्तमान ट्रेनों में कोटा बढ़ाने की मांग की गई है। साथ ही मुंबई राजधानी का कोटा बहाल करने के साथ ही गोवा एक्सप्रेस में कोटा चालू करने के लिए कहा गया है। पिछले दिनों झांसी में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार के साथ हुई सांसदों की बैठक में सांसद प्रतिनिधि वसंत अग्रवाल ने ट्रेनों में घटाई गई कोटे की सीटों को बहाल करने के साथ ही सीटें बढ़ाने की भी मांग की है। रेलवे ने इस मांग पर रिव्यू करना शुरू कर दिया है। यह मांग पूरी होने पर आठ ट्रेनों में 160 सीटें आपातकालीन कोटे के तहत आ जाएंगी।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि वसंत अग्रवाल ने आपातकालीन सीटों का कोटा बहाल करने और कुछ ट्रेनों में कोटे की सीटें बढ़ाने की मांग की थी। इस मामले में मुख्यालय स्तर पर रिव्यू किया जा रहा है। जल्द ही इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी।

मनोज कुमार सिंह जनसंपर्क अधिकारी रेल मंडल झांसी

रैलवे ने कोरोना के बाद से ग्वालियर से बनकर चलने और गुजरने वाली ट्रेनों में आपातकालीन कोटे की सीटें खत्म कर दी हैं। कई ट्रेनों में सीटें कम भी कर दी गई हैं। ऐसे में इस कोटे को बहाल करने के साथ ही सीटें बढ़ाने की मांग की गई है।

वसंत अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि

Posted By: anil.tomar
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