ग्वालियर में जीआर मेडिकल कालेज में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वालों की जांच के लिए टीम गठित

Updated: | Wed, 08 Dec 2021 02:51 PM (IST)

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जीआर मेडिकल कालेज में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वालों की जांच तीन सदस्य दल करेगा। हाई कोर्ट के आदेश के बाद जीआर मेडिकल कालेज के डीन डा. समीर गुप्ता ने जांच समिति गठित की है। इसमें सुपर स्पेशियलिटी अधीक्षक सहित दो अन्य डाक्टरों को संदिग्ध कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच कर 60 दिन में न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट पेज करनी है। कमेटी ने जांच शुरू भी कर दी है। इस कमेटी का अध्यक्ष डा. योगेन्द्र पहारिया और सदस्य डा. अविनाश शर्मा व डा. केपी रंजन को बनाया गया है। गाैरतलब है आशीष राय ने न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। याचिका में जीआर मेडिकल कालेज में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप लगाया था। इस पर न्यायालय ने जीआरएमसी डीन को जांच कराकर रिपोर्ट 31 जनवरी तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश जारी दिया है।

इनके खिलाफ शिकायत: न्यायालय में डा. रूप शर्मा, असिस्टेंट प्रो डा. दीपक शर्मा, डा. शिखा गोयल और सुपर स्पेशियलिटी अधीक्षक डा. गिरजा शंकर गुप्ता के खिलाफ याचिका दायर की गई है। असल में डा. रूप शर्मा को फर्जी दस्तावेज के आधार पर मेडिकल कालेज से नौकरी से हटाया जा चुका है। अब उन्हें नौकरी के दौरान किए गए भुगतान की वसूली को लेकर मामला चल रहा है। वहीं डा. दीपक, डा. शिखा और डा. गिरजा शंकर के अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी बताए गए हैं। मेडिकल कालेज द्वारा गठित टीम डाक्टर ने जिन कालेज के अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी प्राप्त की है तथा शिकायतकर्ता द्वारा जो आरोप लगाए हैं, उन कालेजों से जानकारी एकत्रित करेगी। साथ ही वेतन स्लिप भी मंगवाई जाएगी। यह सभी तथ्यों के आधार पर जांच दल अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करेगा।

वर्जन-

न्यायालय के आदेश पर कुछ चिकित्सकों के उन दस्तवेजों की जांच की जानी है, जिनके आधार पर उन्होंने नौकरी प्राप्त की है। एक शिकायत पर न्यायालय ने जांच का आदेश दिया है जिसको लेकर डीन द्वारा तीन सदस्य दल का गठन किया जा चुका है। 31 जनवरी तक यह रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी।

डा. अमित निरंजन, प्रवक्ता, जीआरएमसी

Posted By: vikash.pandey