8 दिसंबर विवाह पंचमी को मनाई जाएगी भगवान राम-सीता के विवाह की वर्षगांठ, जानें क्या हाेगा खास

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 10:05 AM (IST)

मनीष शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। अगहन मास की पंचमी तिथि, बुधवार 8 दिसंबर को विवाह पंचमी मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि धार्मिक मान्यता अनुसार विवाह पंचमी श्री राम और माता सीता के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाई जाती है। पंचमी तिथि का प्रारंभ 7 दिसंबर, मंगलवार, रात्रि 11 बजकर 40 मिनट पर होगा और पंचमी तिथि की समाप्ति 08 दिसंबर, बुधवार, रात्रि 9 बजकर 25 मिनट पर होगी।

विवाह पंचमी के दिन सीता-राम के मंदिरों में भव्य आयोजन होते हैं। ये भी मान्यता है कि इसी दिन तुलसीदास ने अपनी रचना रामचरितमानस को पूर्ण किया था। इस दिन भक्तगण विशेष पूजन और अनुष्ठान करते हैं। ग्वालियर के फालका बाजार स्थित राम मंदिर में इसे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन राम-सीता की विधि-विधान से पूजा करने पर विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं तथा मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। इस दिन अनुष्ठान से विवाहित लोगों का दांपत्य जीवन सुखमय रहता है।

विवाह पंचमी के दिन नहीं किया जाता है विवाहः भृगु संहिता के मुताबिक विवाह पंचमी के दिन शादी का अबूझ मुहूर्त होता है, यानी इस दिन किसी का भी विवाह किया जा सकता है। राम-सीता की जोड़ी को आदर्श जोड़ी माना जाता है, लेकिन फिर भी उनके विवाह की तिथि के दिन लोग ​विवाह करना पसंद नहीं करते। विवाह के बाद श्रीराम और माता सीता के जीवन में ढेरों कष्ट आए, दोनों को 14 साल का वनवास झेलना पड़ा। इसके बाद माता सीता को अग्नि प​रीक्षा से गुजरना पड़ा।भगवान राम ने गर्भवती माता सीता का परित्याग कर दिया था। राम और सीता के ​वैवाहिक जीवन में इतने संघर्षों को देखते हुए लोग उनके विवाह का उत्सव तो मनाते हैं, लेकिन इस दिन अपनी संतान का विवाह नहीं करते।

Posted By: vikash.pandey