इस बार मार्गशीर्ष शिवरात्रि 2 दिसंबर काे मनाई जाएगी, जानें महत्व

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 09:09 AM (IST)

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भगवान शिव की आराधना के लिए मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार पुरी ने बताया कि प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। वहीं महाशिवरात्रि वर्ष में एक बार मनाते हैं। इस बार मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि का व्रत 2 दिसंबर 2021 दिन बृहस्पतिवार को रखा जाएगा। इस दिन पूजा और व्रत करने से जातकों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। घर में सुख- समृद्धि आती है। कन्याओं द्वारा इस दिन व्रत करने पर उन्हें इच्छा अनुसार वर मिलता है और उनके विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। आइए जाने इस व्रत के महत्व एवं पूजा विधि, जिसके जरिए आप भगवान शिव काे प्रसन्न कर सकते हैं।

मार्गशीर्ष शिवरात्रि मुहूर्तः हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की चतुर्दशी तिथि 2 दिसंबर 2021 दिन बृहस्पतिवार को रात 8 बजकर 26 मिनट से आरंभ होगी और 3 दिसंबर 2021 दिन शुक्रवार को शाम 4 बजकर 55 मिनट पर इसका समापन होगा। शिवरात्रि का पूजन रात्रि में करने का विधान है, इसलिए इस बार शिवरात्रि का व्रत 2 दिसंबर को किया जाएगा।

पूजा विधिः शिवरात्रि पूजा निशिता काल में आधी रात को होती है। पूजा में सर्वप्रथम शिवलिंग पर गंगा जल, दूध, घी, शहद, दही, सिंदूर, चीनी, गुलाब जल आदि चढ़ाकर अभिषेक करें। अभिषेक के समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। साथ ही शिव जी का चंदन से तिलक कर धतूरा, बेल पत्र चढ़ाएं और धूप दीप लगाए। महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा, ॐ नमः शिवाय का 108 बार पढ़ने के बाद आरती करें।

Posted By: vikash.pandey