भाजपा के सामने कांग्रेस के दो विधायक बड़ी चुनौती

नगर सरकार में बहुमत हासिल करने वाली भाजपा के सामने निकाय चुनाव में कांग्रेस के विधायक डा. सतीश सिकरवार व प्रवीण पाठक बड़ी चुनौती हैं।

Updated: | Fri, 27 May 2022 04:45 PM (IST)

- आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद टिकट के दावेदारों की जोर आजमाइश शुरू

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगर सरकार में दो तिहाई से अधिक बहुमत हासिल करने वाली भाजपा के सामने नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के विधायक डा. सतीश सिकरवार व प्रवीण पाठक बड़ी चुनौती हैं। जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों में 60 वार्ड हैं। सिर्फ छह वार्ड मुरार ग्रामीण विधानसभा में आते हैं। इन तीन विधानसभाओं में से सिर्फ भाजपा के खाते ग्वालियर विधानसभा है। इस विधानसभा में कुल 21 वार्ड हैं, जबकि दक्षिण में 20 व ग्वालियर पूर्व में 19 वार्ड हैं। इन 39 वार्डों में विजय के लिए भाजपा को कड़ी मेहनत के साथ कांग्रेस के दोनों विधायकों की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस बार भाजपा के सामने तीसरी चुनौती के रूप में आप पार्टी भी होगी।

बसपा के भी उम्मीदवार मैदान में होंगे। विधायक सतीश सिकरवार लंबे समय से नगर निगम में सक्रिय रहे हैं। एक आर निर्विरोध भी निर्वाचित हो चुके हैं। दो बार इनकी पत्नी शोभा सिकरवार पार्षद रह चुकी हैं। ़आिरक्षण प्रक्रिया के बाद स्थिति लगभग साफ हो चुकी है। अब टिकिटों के लिये जोर-अजमाइश शुरू हो गई है। भाजपा महानगर इकाई के अध्यक्ष कमल माखीजानी ने बताया कि पार्टी पहले मंडलस्तर पर प्रत्येक वार्डों में तीन-तीन लोगों का पैनल मांगेंगी। इसके बाद जिला छानबीन समिति अपने स्तर पर जीतने वाले उम्मीदवारों के नामों पर विचार कर कुछ संशोधन करेगी। संभागीय छानबीन समिति के विचार के बाद इस पैनल को आगे प्रदेश नेतृत्व के पास भेजा जाएगा। टिकिट का अंतिम फैसला प्रदेश नेतृत्व करेगा। पार्टी की पहली प्राथमिकता जीतने वाला उम्मीदवार होता है। अभी प्रदेश नेतृत्व से गाइडलाइन का इंतजार है। ़जिले के पदाधिकारी वार्डों में जाएंगे: शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा का कहना है कि कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्लाक कमेटियों से हर वार्ड से दो से तीन नाम मांगे जाएंगे। 66 वार्डों में जिले के पदाधिकारी भेजे जाएंगे। वह भी पैनल देंगें। दोनों पैनलों पर विचार करने के बाद तीन-तीन नामों का पैनल प्रदेश नेतृत्व के पास भेजा जाएगा। अंतिम फैसला प्रदेश नेतृत्व करेगा।

Posted By: anil tomar
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