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Somvati Amavasya 2021: इस वर्ष की पहली सोमवती अमावस्या 12 अप्रैल को, जानिये इसका महत्‍व

Updated: | Fri, 02 Apr 2021 08:21 PM (IST)

Somvati Amavasya 2021: नर्मदापुरम(होशंगाबाद)नवदुनिया प्रतिनिधि। नर्मदा का तट पर सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है। स्नान,ध्यान,दान पुण्य के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान करने वाले सोमवती अमावस्या का विशेष इंतजार करते हैं। पंडितों ने बताया कि खास बात यह है कि इस वर्ष की यह एक ही सोमवती अमावस्या है। पं राजेंद्र पांडेय के अनुसार ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से अमावस्या तिथि विशेष महत्वपूर्ण होती है और जब अमावस्या सोमवार को पड़े तो इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। जिसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार 12 अप्रैल 2021 को पड़ने वाली अमावस्या सोमवती अमावस्या है। इस बार पूरे वर्ष में एक सोमवती अमावस्या है। इसलिए इस अमावस्या का और भी ज्यादा अमावस्या महत्वपूर्ण है।

पं प्रवीण मिश्रा ने बताया कि पंचांग के अनुसार एक में वर्ष 12 अमावस्या होती हैं। सभी अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन की जाने वाली पूजा और व्रत का कई गुना पुण्य लाभ प्राप्त होता है। विशेष प्रकार की पूजा के लिए भी अमावस्या की तिथि को सबसे उत्तम माना गया है। खासकर पितरों की पूजा और उनकी संतुष्टि का दिन भी अमावस्या ही होता है।

उन्होंने बताया कि अमावस्या पर पितरों की पूजा की जाती है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृ दोष है उन्हें इस दिन पितरों की पूजा अवश्य करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है अमावस्या के दिन पितरों की पूजा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और अपना आर्शीवाद देते हैं। इसलिए वर्ष में एक दिन पितृ मोक्ष अमावस्या भी आती है। तो क्वांर के महिने में रहती है। वैसे तो हर अमावस्या को पितृ पूजन हेाना चाहिए। लेकिन यदि भूल जाएं तो पितृ मोक्ष अमावस्या को तो जरूर ही करनी चाहिए। जिससे जीवन में दांपत्य जीवन, धन, जॉब और व्यापार संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। उन्होंने बताा कि सोमवाती अमावस्या पर की जाने वाली पूजन और पुण्य कई गुना फलदायी होता है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay
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