DAVV Scholarship Indore: 15 प्रतिशत कम छात्रवृत्ति पहुंची विद्यार्थियों के खातों में, फीस की शेष राशि जेब से भरने को मजबूर

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 04:01 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि DAVV Scholarship Indore। महीनों इंतजार के बाद कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति ट्रांसफर हो गई है, लेकिन इस बार छात्र-छात्राओं को पूरी राशि नहीं मिली है। शासन की तरफ से बची राशि को अगले कुछ महीनों में देने पर जोर दिया है। विद्यार्थियों के खातों में 80-85 प्रतिशत राशि आई है। छात्रवृत्ति में कटौती देख छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें फीस के लिए कुछ राशि अपनी जेब से मिलकर कालेज में जमा करना पड़ रही है। उधर सैकड़ों विद्यार्थियों ने प्रबंधन से शेष राशि भरने के लिए कुछ समय मांगा है।

नियामनुसार सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को जनवरी-फरवरी तक छात्रवृत्ति आवंटित हो जाती है, जिसमें एसटी, एससी और ओबीसी के अलावा मेधावी सहित अन्य सरकारी योजना से जुड़ी छात्रवृत्ति शामिल है। राशि आने के बाद विद्यार्थी अपनी फीस जमा करते है। मगर सत्र 2020-21 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति जून-जुलाई के बीच आवंटित हुई। सूत्रों के मुताबिक 85 प्रतिशत राशि खातों में जमा हुई है। इसके लिए विद्यार्थियों ने संबंधित विभाग में जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने पल्ला झाड़ते हुए शेष राशि कुछ महीनों में खातों में डिपॉजिट होना बताया है, जबकि एेसा माना जा रहा है कि शासन के पास बजट नहीं होने से छात्रवृत्ति में कटौती हुई है।

छात्रवृत्ति के भरोसे कालेज

बीई, बीटेक से लेकर एमबीए और बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए, बीएड तक के कोर्सेस में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती है। प्रदेशभर में सैकड़ों एेसे कालेज है, जो छात्रवृत्ति के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला देते है। छात्रवृत्ति में देरी और संक्रमण के चलते कालेजों को काफी नुकसान हुआ है। मगर इन्होंने इसकी भरवाई कर ली है। कई कालेजों ने परीक्षा फॉर्म आगे बढ़ाने के नाम पर विद्यार्थियों से फीस जमा करवा रखी है। इसे लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में भी शिकायत हुई थी। बाद में विश्वविद्यालय ने एक पत्र जारी कर कालेजों को परीक्षा फॉर्म भरवाने के निर्देश दिए।

आर्थिक स्थिति बिगड़ी

कोरोना की पहली और दूसरी लहर में विद्यार्थियों के परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। फीस नहीं भर पाने के चक्कर में कुछ विद्यार्थियों ने कालेज भी छोड़ दिए है, जबकि अभिभावकों ने कालेजों को फीस में कटौती करने को भी कहा। इसे लेकर कुछ निजी कालेजों में विद्यार्थियों के माता-पिता ने हंगामा भी किया है।

इसलिए कम हुई राशि

छात्रवृत्ति की राशि कम होने के पीछे एक भी अधिकारी औपचारिक बयान नहीं दे रहा है। बताया जाता है कि संक्रमण की वजह से पिछले साल से कालेज व विश्वविद्यालय में आनलाइन क्लासेस संचालित हो रही है। संस्थानों में खर्चे कम हो चुके है। छात्रवृत्ति कम करने के पीछे एक यह भी कारण हो सकता है। अतिरिक्त संचालक डा. सुरेश सिलावट का कहना है कि विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से जुड़ी राशि जल्द ही उनके खातों में जमा होगी।

Posted By: Sameer Deshpande