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Indore Crime News: फर्जी अफसरों के निशाने पर थे इंदौर सहित प्रदेश के 86 निवेशक

Updated: | Fri, 27 Nov 2020 08:47 PM (IST)

Indore Crime News, इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बीमा विनियामक एवं प्राधिकरण (आइआरडीए) व भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के अफसर बनकर निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोपित प्रदीप प्रसाद, सुमित मलिक और आत्मदेव को राज्य साइबर सेल ने शुक्रवार दोपहर जेल भेज दिया। आरोपितों ने बयानों में कुबूला कि इंदौर सहित प्रदेश के 86 निवेशक उनके निशाने पर थे। एक निवेशक से तो रुपये जमा करवा चुके थे।

एसपी (साइबर) जितेंद्र सिंह के अनुसार, फरियादी प्रमोद वांकणकर की शिकायत पर आरोपित प्रमोद पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी अली विहार दिल्ली, सुमित पुत्र गुलशन मलिक निवासी आइटी एक्सटेंशन दिल्ली और आत्मदेव पुत्र रामकिशन सिंह निवासी सरिता विहार दिल्ली को गिरफ्तार किया था। आरोपित दिल्ली, ओखला, गुड़गांव सहित अन्य शहरों में कॉल सेंटर खोलकर लोगों से विभिन्न प्रकार से ठगी करते हैं। वे बीमा कंपनियों के कर्मचारियों, अधिकारियों से उन लोगों के डाटा खरीद लेते थे जिनकी बीमा पॉलिसी किस्तें न भरने के कारण समाप्त हो चुकी थीं।

स्वयं को आइआरडीए, आरबीआइ और गवर्निंग बॉडी ऑफ इश्योरेंस का अफसर बताकर कॉल करते थे। लैप्स पॉलिसी के मय ब्याज के रुपये दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये जमा करवा लेते थे। आरोपित इस प्रकार नागपुर, मथुरा, पटियाला, हैदराबाद, रायसेन, राजगढ़ में करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर चुके हैं। एसपी के मुताबिक, आरोपित इतने शातिर हैं कि जांच एजेंसियों को चमका देने के लिए फर्जी सिम व फर्जी नामों का इस्तेमाल करते थे।

गोवा-मनाली में मौज-मस्ती करते थे

पुलिस ने आरोपितों के मोबाइल, ई-मेल की जानकारी निकाली तो पता चला कि वे ज्यादातर उम्रदराज लोगों को ही ठगी का शिकार बनाते थे। ठगी के रुपयों से गोवा, मनाली, मुंबई के रिसॉर्ट में मौज-मस्ती करने जाते थे। पुलिस आरोपितों के सहयोगी, डाटा बेचने वालों की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपितों की कारें व मोबाइल जब्त कर लिए हैं।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com
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