इंदौर में बना है संसद भवन में लगा संविधान निर्माता डा भीमराव आंबेडकर को समर्पित म्यूरल

Updated: | Mon, 06 Dec 2021 07:55 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। संविधान निर्माता डा. भीमराव आंबेडकर को समर्पित एक खूबसूरत कलाकृति इन दिनों दिल्ली के संसद भवन की नई इमारत पर लगी हुई है। यह कलाकृति इसलिए बेहद खास है क्योंकि इसमें न केवल डा. आंबेडकर बल्कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के साथ मौलाना अब्दुल कलाम और सरदार वल्लभभाई पटेल को भी अंकित किया है और इनका अंकन के साथ उस दृश्य को दर्शाया गया है जिसमें डा. अंबेडकर द्वारा डा. राजेंद्र प्रसाद को संविधान की पहली प्रति सौंपी जा रही है। डा. भीमराव आंबेडकर के प्रति इस कलाकृति के जरिए शहर के चित्रकार ने अपनी न केवल श्रृद्धांजलि अर्पित की बल्कि शहर से एक बार फिर संविधान निर्माता का नाता कलाकृति के जरिए जोड़ दिया।

संसद भवन की नई इमारत पर लगी यह आकृति शहर के कलाकार महेंद्र कोडवानी ने तैयार की है। 20 बाय 20 फीट का यह म्यूरल कांस्य धातु से बनाया गया है। महेंद्र बताते हैं कि इस विशाल म्यूरल को दो भागों में बनाया गया है। दोनों ही भाग 10 बाय 20 और 10 बाय 20 फीट के हैं। इन्हें आपस में जोड़कर एक रूप दिया गया है। दो भाग में म्यूरल तैयार करने के कारण उसे दिल्ली लेजाना भी अपेक्षाकृत सहज रहा। म्यूरल सतह से छह फीट उभरा हुआ है जिसे थ्री डी इफेक्ट देने के लिए उभारा गया है। इसे ‘डी’ की आकृति में बनाया गया है जिसमें पिछले भाग को समतल रखा गया है और आगे से उभारा है।

इसके निर्माण में करीब छह माह का समय लगा। म्यूरल के लिए 48 सौ किलो धातु का इस्तेमाल हुआ है। संसद भवन के जिस भाग में यह म्यूरल लगाना था, वहां के लिए विषय चुनने का कार्य मुझ पर ही सौंपा गया था। चूंकि संसद भवन में लगना था और भारत के संंविधान निर्माता का शहर से नाता रहा इसलिए उन्हें केंद्र में रखकर यह कृति तैयार की गई। मेरे साथ 20 सहयोगियों ने इसे तैयार किया है। इसे इंदौर में ही तैयार किया गया। कृति की एक और खास बात यह है कि इसे जहां लगाया जाना था उस भवन के रंग के अनुरूप इसे रंग देने के लिए उस पर दूसरा रंग करना पड़ा जिस वजह से यह मूल धातु का इफेक्ट नहीं दे रहा है।

Posted By: Sameer Deshpande