इंदौर में सीलिंग की 600 करोड़ की 21 एकड़ जमीन पर प्रशासन ने लिया कब्जा

Updated: | Wed, 20 Oct 2021 07:17 AM (IST)

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के खजराना क्षेत्र में सीलिंग की करीब 29 एकड़ में से 21 एकड़ जमीन पर मंगलवार को प्रशासन ने कब्जा ले लिया। इसके साथ ही यह जमीन नगर निगम को सौंप दी गई है। इसे शासकीय घोषित किया गया है। जमीन की कीमत 600 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। बची हुई आठ एकड़ जमीन पर मालवीय नगर और ताज नगर जैसी कालोनियां बस गई हैं। यहां कई लोग मकान बनाकर रह रहे हैं, इसलिए इस हिस्से को छोड़ दिया गया है।

जिस जमीन पर प्रशासन ने कब्जा लिया है, वह सीलिंग की अतिशेष भूमि है। अधिकारियों का कहना है कि खजराना के भूमि स्वामी सोहराब पटेल, इस्लाम पटेल और दिलावर पटेल ने सीलिंग एक्ट से जमीन को बचाने के लिए झूठे दस्तावेज तैयार किए। कभी यह जमीन देवी अहिल्या श्रमिक कामगार तो कभी न्याय विभाग गृह निर्माण सहकारी संस्था को अनुबंध पर बेचना बताया। मगर वास्तव में सोहराब और दिलावर ने यह जमीन अपने पास ही रखकर बाद में भूमाफिया दीपक मद्दा की त्रिशला गृह निर्माण सहकारी संस्था के साथ बेचने का अनुबंध कर लिया। इसमें से 15 एकड़ जमीन मद्दा ने अवैध तरीके से खरीद ली थी।

प्रशासन ने मद्दा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया है। इस तरह प्रशासन ने मद्दा को बेची हुई जमीन के अलावा सोहराब, इस्लाम और दिलावर के कब्जे वाली सीलिंग की जमीन सहित 21 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया। इस दौरान अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, निगम के अपर आयुक्त देवेंद्रसिंह, एसडीएम अंशुल खरे, तहसीलदार सिराज खान, रितेश जोशी सहित पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

शेड हटाने के लिए दो दिन का समय दिया

अधिकारियों का अमला सीलिंग की जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा तो देखा कि वहां एक दर्जन से अधिक शेड बने हुए थे। इनमें मैकेनिक और बिल्डिंग मटेरियल की दुकानें थीं। ये सब जमीन पर किराएदार के रूप में कारोबार कर रहे थे। अधिकारियों से दुकानदारों ने अनुरोध किया कि उन्हें अपना शेड और सामान हटाने के लिए समय दिया जाए। मंगलवार को ईद होने के कारण शेड नहीं तोड़े गए। अपर कलेक्टर बेड़ेकर ने दुकानदारों से कहा कि वे दो दिन में सामान और शेड हटाकर जमीन खाली कर दें, वरना निगम इन्हें तोड़ देगा। दुकानदार इसके लिए तैयार हो गए।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay