कृषि इंदौर न्यूज: फसलों को दें संतुलित खाद, अंधाधुंध उपयोग से बढ़ रही लागत

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 11:40 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। किसानों को चाहिए कि वे अपनी फसलों को जितनी जरूरत हो, उतना ही खाद दें। इसके लिए अलग-अलग फसलों के लिए लगने वाले पोषक तत्वों का ध्यान रखते हुए ही खाद और उसकी मात्रा का चयन करें। कई किसान बिना सोचे-समझे रासायनिक खाद का बेतहाशा उपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल खेती की लागत बढ़ रही है बल्कि जमीन में जरूरत न होने के बावजूद एक ही तरह के तत्वों की भरमार हो रही है। कृषि विभाग ने किसानों को यह सलाह दी है।

संयुक्त संचालक कृषि ने किसानों को सलाह दी है कि आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग न करें। फसल के लिए अन्य पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है। कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि किसान मिट्टी परीक्षण कराएं। फिर उसी के हिसाब से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग किया जाए। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे कृषि वैज्ञानिकों से पूरी जानकारी प्राप्त कर उर्वरकों का उपयोग करें ताकि फसल का अच्छा उत्पादन प्राप्त हो। वर्तमान मे रबी की फसलों के लिए जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध है। गेहूं के लिए यूरिया 213 किलोग्राम, एनपीके 186 किलोग्राम, म्यूरेट ऑफ पोटाश 17 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, चना के लिए यूरिया 44 तथा सुपर फास्फेद 375 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, सरसों के लिए यूरिया 130 किलो, सुपर फास्फेट 188 किलो तथा म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, मसूर के लिए यूरिया 54 किलो तथा सुपर फास्फेट 313 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर देकर अनुशंसित उर्वरक मात्रा की पूर्ति की जा सकती है।

किसान भाइयों से अपील है कि गेहूं, सरसों, चना एवं मसूर फसल में रासायनिक खाद की अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें। डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके व एसएसपी यूरिया और म्यूरेट ऑफ पोटाश उर्वरकों का उपयोग कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही सिंगल सुपर फास्फेट का उपयोग करने से सल्फर 11 प्रतिशत एवं कैल्शियम 21 प्रतिशत भी प्राप्त होंगे, जो फसल का उत्पादन बढ़ाने में सहायक होंगे।

Posted By: gajendra.nagar