इंदौर के रीयल एस्टेट कारोबारी पर साढ़े 14 लाख की ठगी का केस

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 08:38 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। तीन करोड़ के फर्जीवाड़े में फंसे रियल एस्टेट कारोबारी शैलेंद्र अग्रवाल पर कनाड़िया थाना पुलिस ने 14 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। ठेकेदार नितिन पांचाल का आरोप है कि शैलेंद्र ने गायत्री पैराडाइज में फर्जी दस्तावेजों से प्लाट का सौदा कर रुपये ले लिए।

टीआइ जगदीश प्रसाद जमरे के मुताबिक सूरज नगर निवासी नितिन पांचाल ने आरोपित शैलेंद्र अग्रवाल निवासी साउथ तुकोगंज कनाड़िया स्थित गायत्री पैराडाइज में 1118 वर्गफीट का प्लाट 14 लाख 50 हजार रुपये में खरीदा था। नितिन ने 10 लाख रुपये एलआइसी से लोन लेकर आरोपित की कंपनी राजशील रियलटर्स के खाते में जमा करवाए और शेष रकम नितिन ने खुद के खाते से जमा की। नितिन ने प्लाट की रजिस्ट्री करवाकर नक्शा स्वीकृत करवाया और मकान निर्माण शुरू किया। करीब 25 लाख रुपये खर्च करने के बाद पता चला कि जिस प्लाट की रजिस्ट्री की, उसका शैलेंद्र के पास अधिकार ही नहीं है। डीआइजी मनीष कपूरिया को शिकायत करने पर जांच हुई और गुरुवार को शैलेंद्र के विरुद्ध पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया गया।

गायत्री पैराडाइज और गोल्डन फारेस्ट जमीन घोटाले में फंसा

पुलिस के मुताबिक शैलेंद्र अग्रवाल के विरुद्ध धोखाधड़ी का दूसरा मामला है। 16 नवंबर को भी कारोबारी पंकज देव की शिकायत पर गायत्री पैराडाइज जमीन घोटाले में केस दर्ज हुआ था। पंकज व उनके पिता मनोहर देव ने करीब 20 एकड़ जमीन कालोनी विकसित करने के लिए शैलेंद्र से अनुबंध किया था। कालोनी में करीब 225 प्लाट काटने का निर्णय हुआ और तय हुआ कि शैलेंद्र वाटर टैंक, ड्रेनेज लाइन, अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिक लाइन, गेट और बाउंड्रीवाल का काम करेगा। इसके बदले 101 प्लाट की रेशो डील हुई थी। आरोपित ने अनुबंध की शर्तों के मुताबिक काम नहीं किया और बगैर सूचना के करीब तीन करोड़ के प्लाट बेच दिए। शैलेंद्र इसके पूर्व हरसोला की चर्चित गोल्डन फारेस्ट जमीन घोटाले में गिरफ्तार हो चुका है।

Posted By: gajendra.nagar