Chhath Mahaparv Indore: इंदौर में शहर में शुरू हुई छठ महापर्व की तैयारियां, चार दिनी महापर्व आठ नवंबर से

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 06:37 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Chhath Mahaparv Indore। मालवा की इस जमीं पर बिहार और पूर्वोत्तर का छठ पर्व भी उसी उल्लास और उमंग से मनाया जाता है जैसे गणगौर और नवरात्र। इस बार भी शहर में छठ पर्व को लेकर तैयारी शुरू हो गई हैं। कोरोना महामारी के चलते बेशक छठ पर्व का सामूहिक आयोजन होगा या नहीं, इस पर स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए लेकिन आयोजन समितियों ने जरूर अपने स्तर पर इसकी रूपरेखा बनाना शुरू कर दिया है। कहीं पूजा के लिए कुंड-उद्यानों की साफ-सफाई शुरू हो चुकी है तो कहीं महामारी से बचाव के लिए व्रतधारियों और उनके परिजनों को जागरूक किया जा रहा है। कोई संस्था लोगों को सलाह दे रही है कि वे भीड़ का हिस्सा न बनें बल्कि घर या आसपास उपयुक्त स्थान पर रहकर ही पूजा करें तो कोई संस्था मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों के पालन की सलाह लोगों को दे रही है।

इस वर्ष चार दिवसीय छठ महापर्व आठ नवंबर से शुरू होगा। पर्व के पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा निभाई जाएगी। नहाय-खाय के दिन पूरे घर की साफ-सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। नौ नवंबर को खरना होगा। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं। सूर्य की पूजा करने के बाद महाप्रसाद ग्रहण किया जाता है। 10 नवंबर को छठ का व्रत करने वाले अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। छठ महापर्व का समापन 11 नवंबर को उदय होते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा।


भीड़ से रहें दूर

पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान मध्य प्रदेश के महासचिव केके झा के अनुसार छठ पूजा को लेकर शहर में तैयारी शुरू हो चुकी हैं। अभी बेशक पर्व को सामूहिक रूप से मनाने की अनुमति नहीं मिली लेकिन अनुमति मिलने के बाद भी इस बात का प्रयास किया जाएगा कि एक स्थान पर अधिक लोग एकत्रित न हों। महामारी के चलते लोगों को यह बात समझाई जा रही है कि वे गत वर्ष की तरह इस बार भी अपने घर या आसपास के उस स्थान पर पूजा करें जहां भीड़ अधिक न हो।

शारीरिक दूरी के नियम का होगा पालन

पूर्वोत्तर बिहारी सोशल पूजा समिति के व्यवस्थापक विनोद शर्मा के अनुसार यदि प्रशासन ने सामूहिक आयोजन की अनुमति दी तो मंच आदि बनाकर भव्य पैमाने पर आयोजन होगा। अनुमति नहीं मिलने पर भी पूजा तो कराई जाएगी। पर इन दोनों ही परिस्थितियों में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि पूजा करने वालों के बीच पर्याप्त शारीरिक दूरी रहे। पर्व के लिए बाणगंगा कुंड की सफाई का कार्य शुरू हो चुका है।


मास्क लगाना होगा जरूरी

पूर्वोत्तर भागलपुर छठ पूजा मंडल के संस्थापक पंकज जादौन बताते हैं कि सुखलिया मैदान सी-सेक्टर में होने वाली पूजा के दौरान व्रती के बीच तो शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कराया ही जाएगा। साथ ही अर्घ्य देते वक्त भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा। व्रतियों के साथ आने वाले स्वजन के बैठने की भी अलग व्यवस्था होगी ताकि भीड़ से लोग बचे रहें। परिसर में आने वालों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा। जो मास्क लगाकर नहीं आएगा उसे आयोजन स्थल पर मास्क दिया जाएगा।

एक नजर आंकड़ों पर

-शहर में करीब 20 समितियों द्वारा छठ पर्व महोत्सव आयोजित किया जाता है।

-30 वर्षों से शहर में यह पर्व सामूहिक रूप से आयोजित होता आ रहा है।

-तमाम आयोजन स्थलों पर करीब 50 हजार परिवार होते हैं पर्व के दौरान शामिल।

-शहर में स्कीम नंबर-54, स्कीम नंबर-78, तुलसी नगर, निपानिया, एरोड्रम रोड, कालानी नगर, बिजासन मंदिर, बाणगंगा, नंदबाग, सुखलिया, श्याम नगर, खजराना तालाब, पिपलियाहाना तालाब, कैट रोड़ स्थित सूर्य मंदिर आदि स्थानों पर वृहद स्तर पर पर्व मनता है।

Posted By: gajendra.nagar