DAVV Indore: नई शिक्षा नीति के अनुरूप बनेगा नया साफ्टवेयर, कंपनियों ने दी प्रस्तुति

Updated: | Wed, 20 Oct 2021 07:17 AM (IST)

DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय बरसों पुराने परिणाम साफ्टवेयर को बदलने जा रहा है। परिणाम तैयार करने से जुड़े नए साफ्टवेयर को नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने आइटी कंपनियों ने प्रस्तुति दी है। अधिकारियों के अनुसार नए साफ्टवेयर को बनाने के लिए नवंबर में टेंडर जारी किया जाएगा। संभवत: दिसंबर से कंपनियां नए साफ्टवेयर पर काम शुरू कर देंगी।

संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लगे लाकडाउन में काम बंद रहने से विश्वविद्यालय के परिणाम साफ्टवेयर में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके कारण उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के बाद भी कई दिनों तक विद्यार्थियों के नंबर साफ्टवेयर में चढ़ाए नहीं जा सके। बरसों पुराने साफ्टवेयर को जैसे-तैसे विश्वविद्यालय ने आइटी विशेषज्ञों की मदद से अपग्रेड किया, लेकिन कुछ माह पहले कार्यपरिषद ने नया साफ्टवेयर खरीदने को लेकर मंजूरी दे दी है।

पहली बार टेंडर जारी हो चुका था, लेकिन साफ्टवेयर में नए बदलाव किए जाने से टेंडर निरस्त किया गया। इन दिनों साफ्टवेयर में नए फीचर्स को जोड़ने के लिए आइटी कंपनियों से बातचीत चल रही है। विद्यार्थियों के अंकों को सर्वर और क्लाउड में सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि पहले सिर्फ सर्वर पर कुछ सालों तक सुरक्षित रखा जाता था।

सत्र 2021-22 में स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। इसके अनुसार परीक्षाओं में विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा। उसके आधार पर छात्र-छात्राओं को अंक दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार नई शिक्षा नीति के हिसाब से मूल्यांकन को लेकर नियम बनाए जाएंगे। यह काम इन दिनों विश्वविद्यालय स्तर पर चल रहा है।

इनका कहना है

नए साफ्टवेयर में कई बदलाव व अपग्रेड किए जा रहे हैं। कुछ कंपनियों ने तीन से चार बार प्रस्तुति दे दी है। कंपनियों ने भी साफ्टवेयर में फीचर बढ़ाने का सुझाव दिया है। अब इसके आधार पर टेंडर तैयार हो रहा है। वे बताते हैं कि नवंबर के दूसरे सप्ताह तक टेंडर जारी किया जाएगा। दिसंबर तक काम शुरू होने की उम्मीद है।

-डा. अशेष तिवारी परीक्षा नियंत्रक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay