Court News Indore: कंप्यूटर बाबा को मुआवजा देने के मुद्दे पर बहस नवंबर में

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 06:22 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Court News Indore। कंप्यूटर बाबा को उच्च न्यायालय से मिली राहत जारी रहेगी। उनके द्वारा प्रस्तुत याचिका में शुक्रवार को बहस होनी थी, लेकिन शासन की ओर से अतिरिक्त जवाब ही नहीं आया। सरकारी वकील ने इसके लिए एक बार फिर समय मांगा। न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए सुनवाई आठ नवंबर तक आगे बढ़ा दी।

जिला प्रशासन ने आठ नवंबर 2020 को कंप्यूटर बाबा के गोम्मटगिरि स्थित आश्रम पर कार्रवाई करते हुए उसे जमींदोज कर दिया था। कार्रवाई के दौरान शांति भंग होने की आशंका में बाबा और उनके समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में बाबा को एसडीएम न्यायालय ने पांच लाख रुपये की बैंक गारंटी प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत दे दी, लेकिन जब बाबा के वकील बैंक गारंटी लेकर पहुंचे तो एसडीएम ने जमानत ही नहीं स्वीकारी।

बाबा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था। उनकी मांग है कि उन्हें जबरन जेल में रखने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और जिला प्रशासन की कार्रवाई की वजह से हुए नुकसान की भरपाई स्वरूप उन्हें मुआवजा दिलवाया जाए। शासन का कहना है कि वह बहस के पहले अतिरिक्त जवाब देना चाहता है। शुक्रवार को भी शासन ने इसके लिए समय लिया।

सालभर पहले जारी हुए थे नोटिस, अब तक खाली नहीं हुए शासकीय आवास

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल एमओजी लाइंस की जमीन पर बने शासकीय आवास नोटिस जारी करने के एक साल बाद भी खाली नहीं हो सके। इन आवासों को लेकर एक साल से उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर हो रही हैं। मामले में दायर जनहित याचिका का निराकरण करते हुए न्यायालय ने शासकीय कर्मचारियों को आवास खाली करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दे दिया था। यह समय सीमा समाप्त हुई तो मामला दोबारा न्यायालय में पहुंच गया। इस बार कोरोना की दूसरी लहर का हवाला देते हुए शासकीय कर्मचारियों को अतिरिक्त समय देने की मांग की गई।

इस पुनरीक्षण याचिका का निराकरण करते हुए न्यायालय ने कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2021 तक आवास खाली करने को कहा। शासन ने पुनरीक्षण याचिका पर दिए इस आदेश में संशोधन की मांग करते हुए दोबारा पुनरीक्षण याचिका दायर कर दी। इसमें गुहार लगाई कि शासकीय आवास खाली नहीं होने से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम प्रभावित हो रहा है। पूर्व में जारी आदेश को संशोधित करते हुए शासकीय आवास खाली करने के लिए दी गई 31 दिसंबर 2021 की समय सीमा को कम किया जाए। शुक्रवार को याचिका में सुनवाई हुई। न्यायालय ने मामले को 29 अक्टूबर तक आगे बढ़ा दिया है। यानी फिलहाल तो एमओजी लाइंस के शासकीय आवास खाली नहीं होंगे।

Posted By: Sameer Deshpande