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Petrol Pump PUC Indore: वाहनों से प्रूदषित हो रही इंदौर की हवा फिर भी 95 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच के इंतजाम नहीं

Updated: | Wed, 25 Nov 2020 10:37 PM (IST)

Petrol Pump PUC Indore, भीमसिंह, इंदौर (नईदुनिया)। इंदौर जिले में केवल पांच प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सेंटर यानी वाहनों को नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था है। यह स्थिति तब है, जब जिले के सभी पेट्रोल पंपों को इसी साल 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पीयूसी मशीनें लगानी है।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और पेट्रोल डीलर संघ के मुताबिक इंदौर जिले में 260 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से केवल 13 पर पीयूसी सेंटर हैं। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि पीयूसी सेंटर चलाने की लागत ज्यादा बैठती है, जिसकी भरपाई के लिए जितने ग्राहक मिलने चाहिए, उतने नहीं मिलते। ज्यादातर लोग वाहनों में ईंधन भरवाकर चले जाते हैं। प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने में उनकी दिलचस्पी नहीं होती क्योंकि इसको लेकर प्रशासनिक सख्ती नहीं है।

एक पीयूसी सेंटर स्थापित करने की लागत करीब साढ़े तीन लाख रुपये बैठती है। इसके अलावा उसे चलाने के लिए अलग से एक कर्मचारी रखना पड़ता है। शहर के एक पेट्रोल पंप मालिक ने दावा किया कि एक पंप पर रोजाना औसतन तीन से चार लोग ही वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने आते हैं। जाहिर है, पेट्रोल पंप मालिकों को हर माह नुकसान उठाना पड़ता है।

पीयूसी सेंटर की कमी इसलिए लागत ज्यादा

- पीयूसी सेंटर स्थापित करने की लागत: 3.5 लाख रुपये

- इसे चलाने वाले कर्मचारी का वेतन: 10-12 हजार रुपये

- सालाना लाइसेंस नवीकरण शुल्क: 25-30 हजार रुपये

शुल्क से आय कम

दोपहिया वाहन: 50 रुपये

चार पहिया वाहन: 100 रुपये

रोजना औसत आय: 200-400 रुपये

(स्रोत: इंदौर पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन)

डीलर उठाते हैं पूरा खर्च

इंदौर पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक पीयूसी सेंटर स्थापित करने का खर्च, उसकी परिचालन लागत और लाइसेंस का सालाना नवीकरण शुल्क का भुगतान डीलर को करना पड़ता है। इसकी भरपाई के लिए पर्याप्त ग्राहक नहीं मिलते, इतने भी नहीं कि कर्मचारी का वेतन निकाला जा सके। यही वजह है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर यह सुविधा नहीं है।

अनिवार्य व्यवस्था

इंदौर डिविजनल कमीश्नर ने 31 दिसंबर, 2020 तक सभी पेट्रोल पंपों पर मोबाइल पीयूसी मशीनें लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही सभी वाहन मालिकों के लिए भी हर छह महीने में एक बार पीयूसी प्रमणपत्र लेने की अनिवार्यता है। बावजूद इसके अब तक 95 प्रतिशत पेट्रोल पंपों ने अब तक यह अनिवर्यता पूरी नहीं की है। एक पेट्रोल पंप मालिक ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि पीयूसी प्रमणपत्र लेने को लेकर जब तक वाहन मालिकों पर सख्ती नहीं की जाएगी, तब तक इस व्यवस्था के वांछित नतीजे नहीं आएंगे। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया जाना चाहिए कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की नियमित जांच की जाए।

साफ-सुथरे शहर में वायु प्रदूषण की दस्तक

शहर में बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 109 पर रहा। इस हफ्ते अब तक यह सूचकांक 100 से ऊपर ही रहा है। 23 नवंबर को यह 123 पर रहा और पिछले हफ्ते 139 तक पहंुच गया था। मानकों के हिसाब से हवा की यह गुणवत्ता अच्छी नहीं है। यह सूचकांक 100 से नीचे रहने पर वायु प्रदूषण का स्तर संतोषजनक माना जाता है।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com
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