Crime News Indore: निवेश के नाम पर फर्जी एडवाइजरी कंपनियां कर रही थीं कई राज्य के लोगों के साथ ठगी

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 11:13 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Crime News Indore । स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जिन तीन फर्जी एडवाइजरी कंपनियों पर कार्रवाई की है, उन्होंने कई राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाना स्वीकार किया है। एसडीएफ एसपी मनीष खत्री ने बताया कि रविवार को टीम ने एडवाइजरी कंपनी मार्केट स्पार्टन, स्टार इंटरप्राइजेस और एक बिना नाम के चल रही कंपनी पर कार्रवाई की।

इस दौरान पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मार्केट स्पार्टन के संचालक 25 वर्षीय पवन पुत्र अन्ना मुरमकर निवासी शीलनाथ कैंप और 29 वर्षीय आदर्श पुत्र अरविंद जैन, स्टार इंटरप्रायजेस के संचालक 31 वर्षीय आकाश पुत्र रेवती मंडल निवासी करुणा सागर अपार्टमेंट कनाड़िया रोड और बिना नाम के चल रही कंपनी के 22 वर्षीय अरविंद पुत्र हरिशंकर पाल, भरत पुत्र संग्राम सिंह राठौर निवासी आदर्श मेघदूत नगर शामिल हैं। आरोपितों से 16 कंप्यूटर और 27 मोबाइल जब्त किए हैं। आरोपितों ने निवेश करने वाले लोगों का डेटा फर्जी तरीके से इकट्ठा किया और फिर निवेशकों को सेबी से रजिस्टर्ड कंपनी बताकर उनसे खुद के खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस को शिकायत मिलने के बाद इन कंपनियों की तलाश कर उन्हे गिरफ्तार किया।

एसपी ने मुताबिक गीता भवन के पास संचालित हो रही मार्केट स्पार्टन कंपनी पर छापेमार कार्रवाई की। यहां से पकड़ाए संचालक पवन और आदर्श जैन ने बताया कि उन्होंने शिवाजी नगर इंदौर के हरीश को लोन दिलाने के नाम पर उससे दो निजी बैकों में खाता खुलवा लिया और फिर डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट मार्केट स्पार्टन डाट इन नाम की कंपनी की वेबसाइट बनवाई, जिसमें शिवाजी नगर भोपाल का झूठा पता लिखा।

आरोपितों ने जिस हरीश का खाता लोन दिलाने के नाम पर खुलवाया था उसमें पवन ने 14 लाख 35 हजार रुपये निवेशकों से निवेश के नाम पर बुलवा लिए। वहीं आरोपित ने राजस्थान व अन्य राज्यों के निवेशकों से ठकी करने की बात कबूल की है। आरोपित ने ठगी के रुपये से दो लाख रुपये की चेन भी खरीद ली थी, जिसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

फर्जी सिम से करते थे ठगी

स्टार इंटरप्राइजेस बंगाली चौराहा क्षेत्र में चल रही थी। गिरफ्तार संचालक आकाश मंडल से सीपीयू, एक पैन ड्राईव, एक जियो फायबर माडम बाक्स व पांच मोबाईल जब्त किया है। कंपनी न तो सेबी से रजिस्टर्ड थी और न ही उसका गुमास्ता था। आरोपित ने खुद के खाते में 14 लाख रूपये का लेन देन किया। आरोपित आकाश ने निवेशकों का डाटा भी फर्जी तरीके से प्राप्त किया जाता था, उन सभी को फर्जी सिम के माध्यम से फोन कर निवेश की सलाह देकर धोखाधड़ी की जाती थी। आकाश ने पूछताछ में बताया कि उसने कर्नाटक, नासिक, बंगलौर, औरंगाबाद, राजस्थान के निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की है।

बिना नाम के चल रही थी एडवाइजरी

तीसरी कंपनी जो कि बिना नाम के स्कीम 94 में बंगाली चौराहे के पास चल रही थी। आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि कंपनी के अरविंद पाल और भरत राठौर एक पंजीकृत कंपनी का नाम लेकर निवेशकों को फोन लगाते थे। आरोपित निवेशकों को दो से तीन गुना राशि करने का झांसा देते और फिर उनसे रुपये खुद के खातों में बुलवा लेते थे। आरोपितों ने 17 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। फिलहाल पुलिस अभी सभी आरोपितों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कई और खुलासे होने की आशंका है।

Posted By: Sameer Deshpande