Indore Lokesh Solanki Column: सरकार नाम बदल रही, मांग उठी औद्योगिक क्लस्टर की

Updated: | Sun, 28 Nov 2021 11:48 AM (IST)

लोकेश सोलंकी, इंदौर, नईदुनिया Indore Lokesh Solanki Column। आदिवासियों में पैठ बनाने के लिए सरकार जोर-शोर से लगी है। नाम बदलने की घोषणाएं भी धड़ाधड़ की जा रही हैं। 6 दिसंबर को डा. आंबेडकर का निर्वाण दिवस है। दलित वर्ग के लिए ऐसा ही कोई एलान हो, यह भी मुमकिन है। घोषणाओं और नाम बदलने की कवायदों के बीच इन वर्गों के युवा स्वरोजगार के लिए इंदौर-भोपाल के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल दलित युवा संघ सरकार से मांग कर रहा है कि इंदौर में एक औद्योगिक क्लस्टर दलित-आदिवासी वर्ग के लिए बनाया जाए। उद्योग विभाग ने जवाब दिया जमीन नहीं है। बेखबर उद्योग विभाग को युवाओं ने उन्हीं की जमीन तलाश कर बता दी। विशेष क्लस्टर की घोषणा तो हो नहीं सकी, उद्योग विभाग ने उनकी सुझाई जमीन दूसरे क्लस्टर के नाम कर दी। युवा आरोप लगा रहे हैं कि जमीन हमने ढूंढी और उद्योग विभाग के अधिकारी खुले बाजार में बेचने की तैयारी कर रहे हैं।

छप्पन दुकान पर कागज बैन, थर्माकोल को छूट

स्वच्छता में नंबर वन शहर में खान-पान का खास ठिया छप्पन दुकान, यहां के पकवान ही अनोखे नहीं हैं, स्वच्छता के नियम भी मनमाने हैं। शुक्रवार को चाय वाले को सीएसआइ ने नियम बताया कि डिस्पोजेबल कप प्रतिबंधित हैं। चाय वाले ने सवाल दाग दिया कि प्रतिबंध तो प्लास्टिक के कपों पर है ना? बेअदबी से खफा सीएसआइ ने दुकान में घुसकर पांच हजार से ज्यादा कागज के कप जब्त कर लिए। स्पाट फाइन भी लगा दिया। दुकान वाले ने सामने दुकानों पर दिए जा रहे थर्माकोल के कप की ओर ध्यान दिलाकर पूछ लिया कि कागज बंद है और थर्माकोल की अनुमति है क्या? सीएसआइ ने साफ कह दिया तू सिर्फ तेरा देख। दरअसल थर्माकोल के कप दे रही दुकान व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष की है। निगम में अध्यक्ष के रुतबे का पता इसी से चलता है कि सीएसआइ ने फाइन की रसीद पर कचरा फैलाने की बात लिखी है।

जीएसटी बढ़ा तो बढ़ेगा ग्रे मार्केट

जीएसटी की फिटमेंट कमेटी ने मंत्री समूह (जीओएम) को सोने-चांदी की खरीदी पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत करने की सिफारिश की है। फिलहाल यह तीन प्रतिशत है। जीओएम इस सुझाव पर निर्णय लेकर लागू करने के लिए प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल को सौंपेगा। जीओएम का रुख तो अब तक साफ नहीं हुआ है लेकिन सराफा बाजार में घबराहट बढ़ गई है। कारोबारी कह रहे हैं टैक्स बढ़ने से सरकार का राजस्व बढ़े न बढ़े, ग्रे मार्केट जरूर बढ़ेगा। मौजूदा दर पर भी खरीदार बिल लेने से गुरेज करते हैं। दो प्रतिशत की और वृद्धि ऐसे ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी कर देगी। कीमती धातुओं पर जीएसटी बढ़ा तो प्रति दस ग्राम गहने खरीदने पर ग्राहकों को दो से ढाई हजार रुपये टैक्स ही देना पड़ेगा। बिना बिल के कारोबार से दूर रहना ज्वेलर्स के लिए भी मुश्किल होगा।

कांग्रेसियों को खूब नचा रहे बाकलीवाल

कांग्रेसियों को बाकलीवाल खूब नचा रहे हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष के लिए यह मुहावरा यूं ही नहीं कहा जा रहा। फौरी तौर पर शहर वाले सोच रहे होंगे कि कार्यकारिणी की घोषणा नहीं कर बार-बार भोपाल हाजिरी दिलाने ले जाने के चलते यह कहा जा रहा है। असल में मामला ऐसा नहीं है। पद के लिए नाचने वाले कांग्रेसी 19 नवंबर को गांधी भवन में भी खूब नाचे। बाकलीवाल के जन्मदिन पर गांधी भवन के हॉल को गुब्बारों से सजा दिया गया। महफिल सजी और फिल्मी गीतों पर कुछ खास कांग्रेसियों ने बाकलीवाल के सामने जमकर डांस किया। कुर्सी पर बैठे बाकलीवाल मुस्कुराकर दाद देते रहे। भाजपा वाले वीडियो दिखाकर कांग्रेसियों के मजे ले हैं। प्रवक्ता गानों के चयन पर व्यंग कस रहे हैं। मन ही मन दुआ कर रहे हैं कि विपक्ष ऐसा ही रहे जो सड़क पर उतरने के बजाय अपने अध्यक्ष के सामने नाचता रहे।

Posted By: Sameer Deshpande