Guru Purnima 2021 Indore: रूढ़ियों में जकड़े वातावरण से मानव को मुक्ति दिलाती गुरु परंपरा

Updated: | Sat, 24 Jul 2021 11:54 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Guru Purnima 2021 Indore। गुरु परंपरा वह परंपरा है जो रूढ़ियों में जकड़े वातावरण से मानव को मुक्ति दिलाती है। मानवता का बोध कराने और अपनी मिट्टी तथा वाणी के माध्यम से देश प्रेम की भावना जागृत करने का कार्य भी गुरु ही करता है। गुरु ही है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। इसका बड़ा उदाहरण पंजाब की वीरभूमि है। गुरु नानक और गुरु गोविंद सिंह के बिना भारत की संस्कृति को समझना अधूरा ज्ञान है।

यह बात डा. शैलेंद्र शर्मा ने संस्था राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना द्वारा आयोजित संगोष्ठी में कही। गुरु पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष्य में 'गुरु परंपरा के शिखर पुरुष सामाजिक एवं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में" विषय पर आनलाइन गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें डा. शर्मा ने गुरु नानक देव, गुरु गोविंद सिंह और गुरु अर्जुन सिंह देव के शास्त्र और शस्त्र के माध्यम से किए गए कायों का उल्लेख किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार हरेराम वाजपेई ने कहा कि इन संतों ने भारत की संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने गुरु परंपरा को सद्मार्ग पर चलने, दूसरों की मदद करने और समाज के उत्थान के प्रेरणादायक साहित्य भी लिखें जो जाति और धर्म से ऊपर रहे।

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि सुरेशचंद्र शुक्ल ने कहा कि मैंने गुरुद्वारा में जाकर सेवा और विवेक का पाठ सीखा जिसे जीवन में अपना रहा हूं। इंद्र वर्षा ने पंजाबी में शब्द सुनाए। गरिमा गर्ग ने कहा कि गुरु अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है। संगीता कुंद्रा ने गीत प्रस्तुत किया। आयोजन में प्रो. दीपक कुमार, राकेश छोकर, शीला सीरत, सुवर्णा जाधव, डा. प्रवीण वाला, आभा साहनी, डा. नीना सैनी, शिवा लोहारिया, डा. पूनम गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डा. सुनीता गर्ग ने किया।

Posted By: gajendra.nagar