High Court Indore: बायपास की बदहाली पर हाई कोर्ट में सुनवाई आज

Updated: | Mon, 27 Sep 2021 08:40 AM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, High Court Indore। बायपास की बदहाल स्थिति को लेकर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में सोमवार को पहली सुनवाई होना है। याचिका में कहा है कि बायपास की स्थिति खराब है। इतने गड्ढे हैं कि कहीं-कहीं सड़क नजर आती है। ऊबड़-खाबड़ सड़क की वजह से हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है। जरा-सी बारिश होते ही बायपास पर पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। पुल-पुलिया भी जीर्णशीर्ण हो रहे हैं। सर्विस रोड तहस-नहस है। टैक्स देने के बावजूद आम मुसाफिर खुद को ठहा महसूस कर रहा है।

याचिकाकर्ता जिस संस्था ने दायर की है उसने नौ अलग-अलग बिंदुओं पर राहत चाही है। याचिका में यह मांग प्रमुखता से की गई है कि जब तक याचिका का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता तब तक टोल टैक्स वसूलने पर रोक लगाई जाए। जनहित याचिका संस्था मातृ फाउंडेशन ने एडवोकेट अमेय बजाज के माध्यम से दायर की है। इसमें कहा है कि देवास बायपास बीओटी प्रोजेक्ट के तहत हैदराबाद की कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया था। शर्तों के मुताबिक कंपनी को स्ट्रीट लाइटें, लैंड स्केपिंग, पौधारोपण, ट्रक ले बाय, ट्रैफिक ऐड पोस्ट, पेडेस्ट्रियन सुविधा, सुविधाघर, चिकित्सकीय एड पोस्ट, बस बाय और बस खड़े रहने का स्थान आदि सुविधाएं आम मुसाफिर के लिए उपलब्ध कराना थी लेकिन कंपनी ऐसा नहीं कर रही है।

वास्तविकता यह है कि पूरे बापयास पर गढ्डे ही गढ्डे हैं। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है। स्ट्रीट लाइटें या तो हैं नहीं अगर हैं भी तो बंद हैं। अंडरपास में पानी भरा रहता है। हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कंपनी बायपास का इस्तेमाल करने वालों से मोटी रकम टैक्स के रूप में वसूल रही है लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि बायपास की वास्तविकता पता लगाने के लिए एक समिति बनाई जाए और इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए जाएं। लापरवाही बरतने पर कंपनी पर हर्जाना लगाया जाए। याचिका के अंतिम निराकरण तक जनता से टोल टैक्स न वसूला जाए। सोमवार को हाई कोर्ट की युगलपीठ में सुनवाई होना है।

Posted By: gajendra.nagar